अगर आपका सालाना टर्नओवर दस लाख रुपये से अधिक है तो संभव है कि अगले माह से आपको गैस सब्सिडी मिलनी बंद हो जाए। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसके लिए बकायदा डाटा तैयार कर सीधे आयकर विभाग एवं आधार कार्ड से जोड़ दिया है। जिस कारण से दस लाख से अधिक टर्नओवर वाले उपभोक्ताओं की पूरी सूची विभाग के पास पहुंच गई है।
फतेहाबाद में तो उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद होने का सिलसिला शुरू भी हो चुका है। फतेहाबाद शहर में अब तक लगभग 148 लोगों की गैस सब्सिडी बंद हो चुकी है। फतेहाबाद की बाला जी गैस एजेंसी के संचालक राजेंद्र खिंची ने इसकी पुष्टि की है। दूसरी ओर आयकर विभाग के सूत्राें की मानें तो जिले में दस लाख से अधिक जनसंख्या है और कम से कम दस हजार लोग ऐसे हैं जिनका टर्नओवर दस लाख से अधिक है, ऐसे में उन सभी की गैस सब्सिडी पर तलवार लटक गई है।
फतेहाबाद जिले में 17 गैस एजेंसियां, पौने दो लाख उपभोक्ता
फतेहाबाद जिले की बात की जाए तो जिले में लगभग 17 गैस एजेंसियां हैं जिनपर लगभग पौने दो लाख उपभोक्ता हैं। इन्हें वर्तमान में 648 रुपये का सिलेंडर मिलता है और इस पर लगभग 196 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी बंद होते ही इन्हें बाजार रेट यानि 648 रुपये का ही सिलेंडर मिलेगा। ऐसे में गैस एजेंसियों पर कई उपभोक्ताओं का आना शुरू हो गया है जो दस लाख से अधिक टर्नओवर को जस्टिफाई करने की कोशिशों में जुट गए हैं।
गैस एजेंसी संचालकों की मानें तो उनके पास रोजाना दो-तीन ऐसे उपभोक्ता आ रहे हैं जिनकी सब्सिडी बंद हो गई है और उनका कहना है कि उनके खाते में तो रिटायरमेंट या प्रोपर्टी की पूरी पेमेंट आई थी। एजेंसी की ओर से ऐसे केसों की फाइल मंत्रालय को भेजी जा रही हैं, इस पर अंतिम निर्णय मंत्रालय ही लेगा। मिली जानकारी के अनुसार गैस खातों में आधार और बैंक अकाउंट्स लिंक किए गए हैं। ऐसे में उपभोक्ता किसी भी बैंक में ट्रांजेक्शन करेंगे, तो ऑटोमेटिक सभी जगह पर डाटा पहुंचता रहेगा। इससे उपभोक्ता चालाकी बरतकर भी कंप्यूटर से नहीं बच पाएगा और यहीं पर आकर उपभोक्ता की सब्सिडी का संकट खड़ा हो रहा है।
पूरे देश का सर्वर हुआ ज्वाइंट, अब एक ही जगह मिलेगा कनेक्शन
पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरे इंडिया का सर्वर ज्वाइंट कर दिया है। गैस कनेक्शन में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है । सर्वर ज्वाइंट होने के बाद अब एक व्यक्ति एक ही जगह एक ही कनेक्शन ले सकता है। कंप्यूटर में पूरी प्रक्रिया फीड होने के बाद ही कंप्यूटर फाइल को जमा करता है। किसी भी आईडी में नाम, नंबर, एड्रेस में गलती है, तो कंप्यूटर फाइल पर ही ऑब्जेक्शन लगा देगा।
जिले में पहले 1870 ने किया था सब्सिडी छोड़ने का आवेदन, 700 ने वापस मांगी
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर जिले के 1870 लोगों ने स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने के लिए आवेदन कर दिया था जिसके चलते इन सभी उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद कर दी गई थी। लेकिन इस बीच गैस सिलेंडरों की कीमतें बढ़ने से परेशान 700 लोगों ने गैस सब्सिडी वापस देने के लिए आवेदन किए जिसमें से अब तक 490 आवेदन स्वीकार हो चुके हैं और उनकी सब्सिडी वापिस दी जा चुकी है। जिला आयकर विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले की कुल आबादी लगभग 10 लाख से अधिक है और जिले में लगभग 8 से 10 हजार लोगों का टर्नओवर दस लाख से अधिक का हो सकता है। ऐसे में पूरी आशंका है कि जिले में 10 हजार के करीब लोगों की गैस सब्सिडी बंद हो जाए।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दस लाख से अधिक टर्नओवर वाले उपभोक्ताओं की गैंस सब्सिडी बंद करनी शुरू कर दी है। फतेहाबाद में अब तक लगभग 148 लोगों की गैस सब्सिडी बंद हो चुकी है।
राजेंद्र खिंची, संचालक, बाला जी गैस एजेंसी