रतिया में डायरिया के मरीजो का हाल जानते डिप्टी डायरेक्टर जेसी गर्ग।
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अरोड़ा कॉलोनी के डायरिया मामले में अब स्वास्थ्य विभाग ने जनस्वास्थ्य विभाग पर पलटवार किया है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जेसी गर्ग ने कहा है कि रतिया शहर से पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल के छह सैंपल लिए थे। इसमें से दो सैंपल फेल आए हैं। उन्होंने दावा किया कि जो दो सैंपल फेल आएं हैं, वो दोनों सैंपल अरोड़ा कॉलोनी से लिए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि इन सैंपलों में डायरिया फैलाने वाले बैक्टीरिया भी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जेसी गर्ग शुक्रवार को रतिया की अरोड़ा कॉलोनी में डायरिया के मामले सामने आने के बाद निरीक्षण करने रतिया पहुंचे थे। गर्ग ने शुक्रवार को सामान्य अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने एलान किया कि डायरिया के चलते दो बच्चों की मौत की जांच स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम करेगी जिसमें तीन चिकित्सक शामिल होंगे।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो रतिया डायरिया मामले पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले को देखने को कहा है। साथ ही उन्हें नियमित अपडेट करते रहने के निर्देश भी विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जेसी गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी, डॉ. विष्णु व डॉ. सविता के नेतृत्व में एक टीम ने अरोड़ा कॉलोनी और अस्पताल में पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और एसएमओ विजय जैन मामले की पूरी रिपोर्ट ली। इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर जेसी गर्ग ने बताया कि डायरिया की बीमारी के दौरान रतिया शहर में कुल 6 पानी के सैंपल लिए गए थे, इनमें से दो अरोड़ा कॉलोनी के थे। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया था, जहां से लैब की रिपोर्ट के अनुसार अरोड़ा कॉलोनी के दोनों पानी के सैंपल फैल आए हैं। उन सैंपलों में ईकोली नामक बैक्टीरिया पाया गया जो कि दूषित पानी में मिलता है। यह बैक्टीरिया डायरिया फैलाता है। गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को मात्र 7 मरीज ही डायरिया से पीड़ित अस्पताल में आए ।
गौरतलब है कि महज एक दिन पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके विभाग द्वारा लिए गए पानी के सैंपल पास आए हैं और पेयजल पूरी तरह शुद्ध है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को किए गए दावों के बाद दोनों विभाग के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। इतना तय है कि दोनों विभागों में से एक विभाग के अधिकारी जरूर अपनी कुर्सी बचाने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं।