गांव समैन में ई टेंडरिंग का विरोध।
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प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए पंचायतों में कार्य ई टेंडरिंग से करवाने के फैसले के खिलाफ पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के हलके के सबसे बड़े गांव समैन ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों की सरपंच रणबीर गिल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें ई टेंडरिंग के खिलाफ रोष जताया गया। सामूहिक रूप से फैसला लिया गया कि जब तक ई टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं होता, तब तक गांव समैन में सत्ताधारी पार्टी जजपा-भाजपा सहित किसी भी राजनीतिक दल के नेता को गांव में नहीं आने दिया जाएगा। अगर कोई गांव का भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों द्वारा नेताओं के गांव में आने पर रोक लगाने पर पंचायत मंत्री देवेेंद्र बबली ने अपना समैन का दौरा रद्द कर दिया। वह 23 जनवरी को गांव बिढाईखेड़ा में होने वाले मधुर मिलन समारोह का न्योता देने गांव गांव जा रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर 1 बजे गांव समैन पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। ग्रामीणों के विरोध की आशंका के चलते दो डीएसपी ने नेतृत्व में भारी पुलिस बल गांव में तैनात रहा।
सरपंच रणबीर गिल ने बताया कि गांव ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। इस संबंध में मीडिया के माध्यम से नेताओं तक संदेश पहुंचा दिया गया है। बैठक में कई पंचायत सदस्यों सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
15 जनवरी को टोहाना में इकट्ठे होंगे प्रदेशभर से पंच सरपंच
15 जनवरी को ई टेंडरिंग के खिलाफ प्रदेशभर के पंच सरपंच टोहाना में एकत्रित होंगे। इसके लिए शहर के निजी पैलेस में सम्मेलन रखा गया है, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।