अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश स्तर पर मनाए जाने वाले बलिदान दिवस पर एकत्रित होने वाली भीड़ को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने ढाणी गोपाल चोपटा पर लगाए गए धरने के चारों ओर सीआरपीएफ की एक कंपनी और दो रिजर्व मौके पर तैनात कर दी है। हालांकि कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर इससे पहले भी ढाणी गोपाल चौपटा पर 200 से अधिक पुलिस के जवान तैनात थे। वहीं सुरक्षा की कमान एएसपी गंगा राम पूनियां, ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा की अगुवाई में स्वयं संभाले थे।
तीन अतिरिक्त कंपनियां मौके पर तैनात
सुरक्षा के दृष्टिगत गांव ढाणी गोपाल चौक की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है और प्रत्येक नाके पर करीब दर्जनों जवानों को तैनात कर दिया गया है। धरने के निकट सीआरपीएफ व पुलिस की दो रिजर्व को सुरक्षा की जिम्मेवारी सौंपी गई है। एएसपी गंगा राम पूनियां ने इंस्पेक्टर बिमला देवी, विक्रमजीत सिंह भादू, कुलदीप सिंह और जयभगवान सिंह को भी सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए हैं। बलिदान दिवस पर असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए 50 से अधिक पुलिस कर्मचारियों को सिविल वर्दी में चौकसी रखने की हिदायत दी गई है।
समिति ने झोंकी ताकत
बलिदान दिवस पर भीड़ जुटाने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। गांव-गांव में मुनियादी के लिए तीन गाड़ियां लगी हुई हैं, जिसमें दर्जनों लोग प्रचार प्रसार कर रहे हैं। महिलाएं भी अलग से घर-घर जाकर धरने में पहुंचने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कानून व्यवस्था को भंग नहीं होने देंगे : एएसपी
धरने के समक्ष ही सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले बैठे एएसपी गंगा राम पूनियां ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं देंगे। इसके लिए सीआरपीएफ की एक तथा दो रिजर्व कंपनियों को मौके पर बुलवा लिया गया है। इसके अतिरिक्त पहले से ही तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को भी विभिन्न नाकों और मार्गों पर तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना अथवा सरकारी बाधा से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सजग है।