गांव अलालवास के स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने से गुस्साए सैकड़ों अभिभावकों, स्कूल शिक्षा कमेटी के पदाधिकारियों और विद्यार्थियों ने सोमवार को स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की और चेतावनी दी कि अगर स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो वह स्कूल में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर देंगे। सोमवार को भी तालाबंदी के कारण स्कूल में उपस्थित स्टाफ करीबन 4 घंटे तक स्कूल में ही कैद होकर रह गया। दोपहर बाद खंड शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने दोपहर बाद ताला खोल दिया।
अलालवास स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पिछले काफी समय से शिक्षकों की भारी कमी है। इसी वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सोमवार को शिक्षा समिति के प्रधान विनोद कुमार, सतपाल नंबरदार, मक्खन, पृथ्वी, कुलदीप, अमनदीप, सुनील सहित अन्य अभिभावक सुबह इस समस्या को लेकर स्कूल पहुंचे तो स्टाफ से उन्हें पता चला की स्कूल से एक हिंदी टीचर को डेपुटेशन पर जाखन दादी भेजा जा रहा है। इससे अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में और ज्यादा रोष पैदा हो गया। शिक्षा समिति के प्रधान विनोद ने आरोप लगाया कि कुछ माह पूर्व भी उनके स्कूल से एक टीचर को डेपुटेशन पर आरोही माडल स्कूल में भेजा गया था।
जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रिंसिपल ने अभिभावकों को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। बाद में प्रिंसिपल ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी रमेश दहिया को दी लेकिन शिक्षा अधिकारी किसी बैठक के चलते फतेहाबाद गए थे, जिसके चलते प्रिंसिपल ने स्कूल कमेटी की खंड शिक्षा अधिकारी से मोबाइल पर ही बात कराई। खंड शिक्षा अधिकारी ने कमेटी को आश्वासन दिया कि वह गांव अलालवास से डेपुटेशन पर जाखनदादी भेजे गए टीचर का डेपुटेशन रद्द कर देंगे। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और तालाबंदी खत्म की।