शुक्रवार को चंडीगढ़ से आई ड्रग विभाग की आधा दर्जन टीमों ने रतिया शहर के मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई की। इससे मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया। छापामारी के दौरान टीम ने गांव नागपुर में दो मेडिकल स्टोर और रतिया शहर में कुलदीप मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। इसके अलावा चार दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। छापामारी के चलते कई मेडिकल संचालक अपनी दुकानों को बंद कर भूमिगत हो गए। बताया गया है कि गांव नागपुर बस स्टैंड पर स्थित मेडिकल संचालक टीम को आता देखकर अपनी दुकानें छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद टीम ने उक्त मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
ड्रग विभाग हरियाणा के डायरेक्टर डॉ. संकेत कुमार को रतिया क्षेत्र में मेडिकल स्टोर में कई अनियमितताएं मिलने की जानकारी मिली थी। इसके बाद विभाग ने अलग-अलग टीमें बनाकर रतिया क्षेत्र की लगभग एक दर्जन दुकानों पर दबिश दी। मिली जानकारी के अनुसार विभाग के पास शिकायत थी कि ना तो मेडिकल संचालक अपने दस्तावेज पूरे करते हैं और साथ ही नशीली दवाइयों की भी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। हालांकि शुक्रवार को जांच के दौरान विभाग की टीमों को किसी भी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयां नहीं मिली हैं, लेकिन यहां कागजी अनियमितताएं पाई गई हैं। टीम ने संबंधित मेडिकल स्टोरों के दस्तावेज जब्त कर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया है, ताकि समयावधि के तहत नोटिस देकर कार्रवाई की जा सके।
ये अधिकारी शामिल रहे ड्रग विभाग की टीमों में
रतिया में छापा मारने पहुंची टीमों में असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा, गुड़गांव के सीनियर ड्रग कंट्रोलर जोन पद्म राठी, डीआई फरीदाबाद पूजा चौधरी, डी आई कैथल सुनील दहिया , ड्रग कंट्रोलर फतेहाबाद विजया राजे शामिल थे। इन अधिकारियों के नेतृत्व में ही कर्मचारियों ने एक साथ शुक्रवार को रतिया की विभिन्न दुकानों पर छापामारी की और जांच पड़ताल की। टीम के अधिकारी पद्म राठी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेशों पर ही अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और उन्हीं के आधार पर उन मेडिकल स्टोरों पर दबिश देकर कार्रवाई की जा रही है, जिनकी उच्चाधिकारियों के समक्ष शिकायतें गई हुई हैं।