जाट आरक्षण आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों ने मंगलवार को पुलिस द्वारा दिए गए नोटिसों की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। धरने के तीसरे दिन ढाणी गोपाल चौक पर भी दर्जनों जाट प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की उपरोक्त कार्रवाई के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। हालांकि धरनास्थल के निकट मौजूद एएसपी गंगाराम पूनिया, सीआईडी के डीएसपी वीरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर विक्रमजीत सिंह, इंस्पेक्टर विमला देवी और एसएचओ जयभगवान सिंह तथा इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया, लेकिन प्रदर्शनकारी मांगे पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन करने पर अडिग रहे।
धरनास्थल पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने कहा कि पुलिस धरने को फ्लॉप कराने के उद्देश्य से धरने में शामिल होने वाले लोगों को नोटिस देकर डरा रही है। धरने पर शांतिपूर्वक तरीके से शामिल होने वाले लोगों को बार-बार नोटिस देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
हालांकि पुलिस ने उपरोक्त प्रक्रिया माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना बताई है। गौरतलब है कि सोमवार शाम को धरने में शामिल हुए लोगों को पुलिस ने चेतावनी संबंधित कानूनी नोटिस दिए गए थे, जिसमें माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुसार उल्लेख किया गया है कि धरना प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में कोई भी जानमाल का नुकसान होगा तो उसके लिए प्रदर्शनकारी जिम्मेवार होंगे। प्रदर्शनकारी अगर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं तो संबधित व्यक्ति से ही वसूली की जाएगी। ऐसे नोटिसों को पाकर प्रदर्शनकारियों के होश उड़े हैं।
हुड़दंगियों की पनाहगाह बना धरनास्थल से कुछ दूरी पर चल रहा शराब का ठेका
ढाणी गोपाल चौपटा पर जहां खेतों में जाट आरक्षण को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है, वहीं कुछ दूरी पर ढाणी गोपाल मार्ग पर खेतों में शराब का खुला ठेका हुड़दंगियों का ठिकाना बना हुआ है। शराब ठेके के बाहर दर्जनों नशेड़ी नशे में धुत होकर उत्पात मचाते हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। पुलिस टीम ठेके के नजदीक होने के बावजूद भी कार्रवाई करने से हिचक रही है, क्योंकि उसका मानना है कि प्रदर्शनकारी उपरोक्त मामले को आधार बनाकर बखेड़ा खड़ा कर सकते हैं। शराब का ठेका दिनरात खुला रहता है।
कानून का सम्मान करना चाहिए : पूनिया
एएसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि कानून के दायरे में नोटिस दिए जा रहे हैं, इसलिए कानून का सम्मान करना हर व्यक्ति का दायित्व है। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार प्रदर्शनकारी को दिशा निर्देश संबधित नोटिस दिए जा रहे हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति नोटिसों को आग के हवाले कर रहा है तो वह स्वयं जिम्मेवार है। क्योंकि पुलिस अपना फर्ज अदा कर रही है।