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पैसों के लिए भटक रहे जिले के सवा लाख पेंशनधारक

Wed, 23 Nov 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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पीएनबी शाखा में पेंशन लेने के लिए पहुंची एक महिला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 नोट बंदी से भले ही अर्थव्यवस्था सुधरने का दावा किया जा रहा हो लेकिन जिले के सवा लाख पेंशनधारकों के लिए यह फरमान मानों मुसीबतों का पहाड़ बनकर आया है। जिला प्रशासन की ओर से नवंबर महीने की दस तारीख को बैंकों में पेंशन डिटेल भेजने का दावा किया जा रहा है लेकिन अधिकतर बैंकों में पेंशनधारकों को सिवाए धक्कों के और कुछ नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, ओबीसी सहित कई बैंक ऐसे भी हैं जिनमें अभी तक पेंशन की राशि पहुंची ही नहीं है। खासकर दिव्यांग एवं बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए मुसीबत भयंकर होती जा रही है।


आदेश के बाद विभाग से गई अक्तूबर महीने की पेंशन लिस्ट
आमतौर पर समाज कल्याण विभाग से प्रत्येक माह की 7-8 तारीख को पेंशनधारकों की लिस्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाती है। हालांकि इस बार ये लिस्ट 10 नवंबर को भेजी जा सकी। इस बीच देश में नोटबंदी लागू कर दी गई, जिसके चलते देशभर के साथ-साथ फतेहाबाद के बैंकों में भी लंबी-लंबी कतारें और नए-नए नियम लागू कर दिए गए। इन लंबी कतारों के बीच पूरा-पूरा समय खपाकर पेंशन के लिए जब बुजुर्ग और दिव्यांग कैश काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें टका सा जवाब मिला कि फिलहाल तो खाते में जमा कराने और नोट एक्सचेंज का ही मौका है। पेंशन के लिए स्पष्ट आदेश अभी तक नहीं आए हैं।
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25 नवंबर से पहले हालात सुधरने की संभावना नहीं
बैंक सूत्रों एवं समाज कल्याण विभाग के सूत्रों की मानें तो 25 नवंबर से पहले हालात में कोई बहुत ज्यादा सुधार आने की संभावना नहीं लग रही। दरअसल सरकार के आदेश के अनुसार 25 नवंबर तक नोट एक्सचेंज कराने की अंतिम तिथि है।

इसके बाद अगर सरकार आगे इस तारीख को नहीं बढ़ाती तो 25 नवंबर के बाद बैंकों में कतारों के कम होने की गुंजाइश है। ऐसे हालातों में पेंशनधारकों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि जिस तरह से केंद्र सरकार रोजाना नए नियम लागू कर रही है, ऐसे में अगर नोट एक्सचेंज कराने की तारीख भी आगे बढ़ गई तो पेंशनधारकों के लिए परेशानी का समय अभी और लंबा खिंच सकता है।


रतिया में बांट दिए पुराने नोट, अफसरी दखल के बाद रुका सिस्टम
रतिया सहित जिले के कई गांवों, जिनमें बैंक की कोई शाखा नहीं हैं, उन गांवों में पोस्ट आफिस के जरिए पेंशन बांटने का काम किया जाता है। बीते दिनों रतिया हलके के कई गांवों में पोस्ट आफिस के कर्मचारियों द्वारा बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन में हजार एवं पांच सौ रुपये के पुराने नोट दे दिए गए। ग्रामीणों ने जब हंगामा ऱ्करते इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को दी तो जाकर पुराने नोटों से पेंशन बांटने का सिलसिला थमा।

दरअसल, ग्रामीणों को ये शिकायत थी कि पहले तो बुजुर्ग पेंशन पाने के लिए लाइन में लगें, उसके बाद नोट बदलवाने को। अभी इस बारे में औपचारिक निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जिसके चलते कई गांवों में पेंशन बांटने का सिलसिला रोक दिया गया है।
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ये है फतेहाबाद जिले में पेंशनधारकों की स्थिति
पेंशन प्रकार        संख्या
वृद्धावस्था        67694
विधवा            29107
दिव्यांग            9057
निराश्रित        4000
लाडली            1306
विधवा आश्रित        1784
कुल            एक लाख 13 हजार

‘इस माह विभाग की ओर से पेंशनधारकों की सूचना उच्चाधिकारियों को तकरीबन 10 नवंबर को ही भेज दी गई थी। अब इससे आगे का काम बैंकों का है। नोटबंदी के बाद कई जगहों पर पुराने नोटों से पेंशन बांटने का काम किया जा रहा था, जिसे तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया गया है। इस बाबत आवश्यक  जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।’
-इंद्रा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फतेहाबाद।  

नोटबंदी के चलते कुछ जगह दिक्कत आई थी, लेकिन 25 नवंबर के बाद हालात सुधरने की उम्मीद है।
-जीएस मल्होत्रा, लीड बैंक अधिकारी, फतेहाबाद ।
 
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