फतेहाबाद अनाज मंडी के बाहर खाली स्थानों पर गेहूं रखने से प्रशासन द्वारा मना करने के विरोध में बुधवार को अनाजमंडी के सभी व्यापारियों ने मार्केट कमेटी के गेट को बंद कर दिया तथा सचिव सहित सभी कर्मचारियों को उनके कार्यालय में बंधक बना दिया। व्यापारियों के साथ स्थानीय विधायक बलवान सिंह भी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो बजे एसडीएम के आश्वासन देने के बाद व्यापारियों ने अपना धरना खत्म कर दिया।
अनाजमंडी में गेहूं उतारने के लिए जगह थोड़ी पड़ रही थी। अनाजमंडी के व्यापारी चाहते थे कि उनके अनाजमंडी के अलावा नई सब्जी मंडी, हुडा सेक्टर, मॉडल टाउन और प्राइवेट फैक्ट्रियों की खाली जगह पर गेहूं उतारने की अनुमति दी जाए। नए मार्केट कमेटी सचिव ने बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के मंडी के बाहर गेहूं उतारने की इजाजत देने से मना कर दिया।
इस पर भड़के व्यापारियों ने मंगलवार शाम को कमेटी के बाहर धरना देकर चेतावनी दी थी। बुधवार सुबह व्यापारी व्यापार मंडल के प्रधान प्रेमचंद मित्तल के नेतृत्व में मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। सचिव दिलावर सिंह ने कहा कि एसडीएम कमेटी के प्रशासन हैं और एसडीएम ने उन्हें ऐसी इजाजत नहीं दी। भड़के व्यापारी नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, उपप्रधान रवि मैहता, कांग्रेस नेता टेकचंद मिढ़ा, सतपाल अरोड़ा सहित अन्य व्यापारियों ने विरोध किया। व्यापारियों ने मार्केट कमेटी सचिव के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों की मांग थी कि एसडीएम धरनास्थल पर आएं। उनकी बात सुनें।
एसडीमए के नहीं आने पर विधायक बलवान सिंह भी धरने पर बैठ गए। उसके बाद विधायक बलवान सिंह फोन पर उपायुक्त व एसडीएम से बात की। एसडीएम द्वारा व्यापारियों को बातचीत के लिए बुलाने के बाद व्यापारियों का शिष्टमंडल प्रधान के नेतृत्व में एसडीएम से मिलने गया। शिष्टमंडल में प्रधान प्रेममितल, सतपाल अरोड़ा, टेकचंद मिढ़ा, रवि मैहता, भजन लाल, किशोरी लाल इत्यादि शामिल रहे। एसडीएम ने व्यापारियों के शिष्टमंडल से बातचीत के बाद सचिव को फोन कर व्यापारियों को अनाजमंडी के बाहर गेहूं उतारने की अनुमति दे दी।