नियम 134-ए के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए क्षेत्र के 34 निजी स्कूलों ने अपने स्कूलों में खाली सीटों का ब्यौरा शिक्षा विभाग के पास जमा करवा दिया है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार अकेले टोहाना खंड से एक हजार से अधिक बच्चों ने 134-ए के तहत आवेदन किया है। अब इन बच्चों के आवेदनों का 19 अप्रैल को ड्रॉ निकाला जाएगा।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी आवेदन पत्रों की जांच
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए शिक्षा विभाग के पास आवेदनों की जांच के लिए विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के क्लर्क, प्राइवेट स्कूल संघ के पदाधिकारी, अभिभावक संघ के पदाधिकारी एवं दो रिटायर्ड हेडमास्टरों को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी के सदस्य अगले तीन दिनों में आवेदन पत्रों की छंटनी करेंगे और उसके बाद 19 अप्रैल को विभाग द्वारा ड्रॉ निकाल कर गरीब बच्चों को स्कूल अलॉट कर दिए जाएंगे। इस कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी रोशनलाल, अभिभावक मंच से राकेश जैन, प्राइवेट स्कूल संघ से सुरेश आर्य, रिटायर्ड प्रिंसिपल बलदेव सिंह, हैदरवाला से सरकारी हैडमास्टर कुलदीप बराड को शामिल किया गया है।
निजी स्कूलों ने दी 1352 सीटों की जानकारी
टोहाना ब्लॉक के जिन तीन दर्जन स्कूलों ने नियम134-ए के तहत अपने स्कूलों की उपलब्ध सीटों के बारे में विभाग को जानकारी दी है। उसके अनुसार अकेले टोहाना ब्लॉक में लगभग 1352 सीटों पर गरीब बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 12वीं के लिए 56 सीटें, दसवीं के लिए 116 सीटों की जानकारी शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई है।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों ने नहीं दी जानकारी
टोहाना ब्लॉक में कई ऐसे स्कूल भी चल रहे हैं जिनकी मान्यता महज पांचवीं या आठवीं तक है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को एडमिशन दे रखा है। इन स्कूलों ने नियम 134-ए के तहत मांगी गई सीटों का ब्यौरा यह कहते हुए देने से इंकार कर दिया है कि उनके स्कूल की मान्यता पांचवीं एवं आठवीं तक है। ऐसे में वे छोटी कक्षाओं में ही गरीब बच्चों को शिक्षा दे सकते हैं।
क्या कहता है शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग कार्यालय में कार्यरत क्लर्क रेनू ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों से सीटों का ब्यौरा मांगा गया था। इसके तहत स्कूलों ने जानकारी दी है। क्षेत्र से 1010 बच्चों के आवेदन आए हैं। इनमें 60 बच्चों के एलकेजी व यूकेजी के लिए तथा अन्य 950 फार्म अन्य कक्षाओं के लिए हैं। इन बच्चों को शिक्षा के अधिकार नियम आरटीई के तहत चयन किया जाएगा। इन फार्मों की छंटनी और जांच के लिए विभाग द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है।