आखिरकार लावारिस सांड़ों की समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों की नींद टूटी है। नगर परिषद ने उन्हें नंदीशाला भेजने का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत पिछले दो दिन में तकरीबन सौ से अधिक सांड़ों को पकड़कर नंदीशाला में भेजा गया है। नप के अधिकारियों की मानें तो ये अभियान अभी कई दिन तक जारी रहेगा। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान नेशनल और स्टेट हाइवे से लावारिस पशुओं को हटाने पर है। एक बार सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने के बाद गलियों के अंदर से सांड़ों को पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ इस समस्या के बाबत एक विस्तृत खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस कार्यवाही को अंजाम दिया है।
मताना नंदीशाला हो चुकी है शुरू, चिंदड़ में भी तैयारी
फतेहाबाद और आसपास के लावारिस पशुओं को काबू करने के लिए मताना में नई नंदीशाला शुरू हो चुकी है। इसमें फिलहाल 1500 पशुओं के रखने की व्यवस्था है। इस नंदीशाला में शहर और आसपास के इलाकों से पकड़े गए पशुओं को रखा जाएगा। इसके अलावा लघु सचिवालय के सामने स्थित अस्थाई नंदीशाला में भी फिलहाल पशुओं को रखा जाएगा। बीते दिन एडीसी जेके अभीर ने संकेत दिए थे कि गांव चिंदड़ की पंचायत नंदीशाला बनाने के लिए चार एकड़ जगह देने को तैयार है। ऐसे में बहुत जल्द वहां भी नंदीशाला बनाने का काम शुरू हो सकता है। जिला प्रशासन ने ब्लॉक की सभी पंचायतों से आह्वान किया है कि अगर उनके पास जगह उपलब्ध है तो प्रशासन नंदीशाला बनाने के लिए उनकी मदद करने को तैयार है।
नए लावारिस पशुओं को रोकने का फिलहाल नहीं कोई इंतजाम
प्रशासन पूरी तेजी से आवारा पशुओं की धरपकड़ में जुट तो गया है लेकिन इससे तो सड़कों पर जो वर्तमान में आवारा पशु हैं, वो ही काबू होंगे। लेकिन जो आगे सड़क पर आ सकते हैं, उनके लिए अभी प्रशासन के पास कोई प्लान नहीं है। ये बात तय है कि फतेहाबाद में इतने अधिक पशु एकदम से पैदा तो नहीं हैं, जरूर उन्हें कोई फतेहाबाद के आसपास छोड़ गया जिसके बाद यहां पर एकाएक आवारा पशुओं की संख्या बढ़ी है। ऐसे में फिलहाल प्रशासन ऐसा कोई इंतजाम करता नहीं दिख रहा जिससे बाहर से यहां छोड़े जाने वाले आवारा पशुओं को आने से रोका जा सके।
नगर परिषद ने शहर की सड़कों और खासकर नेशनल हाइवे को सुरक्षित बनाने के लिए आवारा पशुओं को यहां से हटाने का काम शुरु किया है। पहले दो दिन में सौ से अधिक आवारा पशुओं को यहां से नंदीशाला में भेजा गया है। नेशनल हाइवे को क्लीयर करने के बाद गलियों के अंदर से भी लावारिस सांड़ों को पकड़ा जाएगा।
-ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद।