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आयकर विभाग ने सभी बैंकों के प्रबंधकों की मांगी डिटेल

Tue, 20 Dec 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी लाइन । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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  नोटबंदी के बाद बैंकों में हो रही नोटों की अदलाबदली की शिकायतें मिलने के बाद आयकर विभाग ने बैंकों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आयकर विभाग ने जिले के सभी बैंक प्रबंधकों की डिटेल तलब की है। उधर जिले के बैंकों में अब तक 14 सौ करोड़ के करीब पुराने नोट जमा हो चुके हैं और आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक फतेहाबाद जिले में 180 करोड़ की नई करेंसी बांटी जा चुकी है। हैरत की बात ये है कि आरबीआई के आंकड़ों में फतेहाबाद जिले में एक ही ब्रांच रखने वाले एक निजी बैंक ने 30 करोड़ की नई करेंसी बांटने का दावा किया है। बैंक का दावा इसलिए भी संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है क्योंकि उक्त बैंक का एटीएम नोटबंदी के 41 दिनों में से 30 दिन से ज्यादा दिनों से बंद पड़ा है।
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आयकर विभाग ने बैंक प्रबंधकों के मोबाइल और ई-मेल की भी सूची मांगी
करनाल आयकर विभाग के अधिकारियों ने लीड बैंक को पत्र जारी कर जिले के सभी बैंकों के प्रबंधकों के नाम, मोबाइल नंबर और उनके ई-मेल आईडी की डिटेल मांगी थी। लीड बैंक के अधिकारियों ने 17 दिसंबर को प्राप्त हुए इस पत्र के बाद उसी दिन ही सभी बैंकों प्रबंधकों की डिटेल करनाल आयकर विभाग को भिजवा दी है। माना जा रहा है कि पिछले दिनों बैंकों में नोटों की अदलाबदली में व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार और स्थानीय प्रबंधकों पर अपने चहेते लोगों को अपनी नई करेंसी बांटने को लेकर आरबीआई और सरकार गंभीर है।

सरकार के आदेश पर ही आयकर विभाग ने सभी बैंकों से उनके प्रबंधकों की डिटेल मांगी है। ताकि उनकी पृष्ठभूमि की जांच करवाई जा सके। फतेहाबाद में भी बैंक प्रबंधकों पर ये आरोप लगे थे कि उन्होंने अपने चहेतों को बैकडोर से नई करेंसी के नोट हाथोंहाथ थमा दिए थे जबकि बैंक के अगले तरफ लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती थी।
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400 करोड़ के कृषि ऋण लिमिट और लोन की रिकवरी के तौर पर जमा हुए
जिले में आरबीआई द्वारा अब तक 180 करोड़ की नई करेंसी भेजी जा चुकी है। फतेहाबाद में सभी प्रमुख बैंकों की 180 शाखाएं इस समय काम कर रही है। सभी शाखाओं में लगभग 180 करोड़ की नई करेंसी बांटी जा चुकी है। हैरानी की बात ये है कि जिले में इकलौती शाखा रखने वाले एक निजी बैंक द्वारा भी 30 करोड़ की नई करेंसी बांटे जाने की सूचना है जबकि नोटबंदी के दौरान एक बार भी इस बैंक के बाहर ना तो कभी लाइन दिखी और नोटबंदी के 41 दिनों में से पिछले 30 दिनों से इस बैंक का एटीएम एक भी बार नहीं खुला है।

पता चला है कि उक्त बैंक में लोगों के खातों की संख्या भी काफी कम है। लीड बैंक के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले के सभी बैंकों में लगभग 14 सौ करोड़ के पुराने नोट डिपॉजिट हो चुके हैं। जिनमें 4 सौ करोड़ के कृषि ऋण लिमिट, लोन की रिकवरी इत्यादि के रूप में जमा हुए जबकि हजार करोड़ के करीब डिपॉजिट बढ़ा है। जिले में अभी तक जितनी भी राशि जमा हुई, ऋण या डिपॉजिट के रूप में हुई है। अब तक एनपीए यानी किसी भी डिफाल्टर ने अपने खाते में राशि जमा नहीं कराई है। बैंक अधिकारियों की मानें तो ऋण जमा होने से बैंकों को 400 करोड़ के ब्याज का नुकसान भी हुआ है।


आयकर विभाग ने जिले के सभी बैंकों की शाखा प्रबंधकों की विस्तार से जानकारी मांगी है, जो हमने मुहैया करवा दी है। अब तक फतेहाबाद जिले में 180 करोड़ की नई करेंसी बंट चुकी है।
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-सीताराम सोनी, लीड बैंक मैनेजर, फतेहाबाद ।

 
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