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गोरखपुर का पशु अस्पताल कंडम

Mon, 01 Aug 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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गोरखपुर का पशु अस्पताल कंडम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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  गांव गोरखपुर का पशु अस्पताल कंडम घोषित होने के बावजूद भी पशुपालन विभाग इसे चलाए जा रहा है। इस अस्पताल के हालात इतने जर्जर हैं कि कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अस्पताल की छत गिरने को है। चारदीवारी गिर चुकी है। अस्पताल परिसर में आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिस कारण ग्रामीण यहां पशुओं के इलाज के लिए भी आने से कतराते हैं। गांव के पंच दिनेश कुमार व परविंद्र कुमार की मांग है कि पशु अस्पताल की कंडम बिल्डिंग को गिरा कर यहां पर पशु अस्पताल की इमारत का पुनर्निर्माण किया जाए। लोक निर्माण विभाग एवं पशुपालन विभाग ने भी इस भवन के कंडम होने की पुष्टि की है।
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  जिले की सबसे ज्यादा आबादी वाले गांव गोरखपुर में करीब 50 साल पहले इस पशु अस्पताल का निर्माण किया गया था। इस गांव की आबादी 25 हजार के करीब है। ज्यादातर लोग किसान हैं और पशु पालन करते हैं। आसपास के गांवों के लोग भी यहां पशुओं को इलाज केे लिए लाते हैं। लेकिन इस अस्पताल के हालात अब बिल्कुल जर्जर हो चुके हैं। अस्पताल की छतों पर दरारें आ चुकी हैं। चारदीवारी टूटे भी काफी समय हो चुका है। आवारा सुअर और कुत्ते इसके प्रांगण में विचरते रहते हैं। पशुओं के इलाज के लिए बनाया गया शिकंजा काफी समय पहले ही टूट चुका है लेकिन बावजूद इसके पशु पालन विभाग ने आज तक इस बारे में कोई ध्यान नहीं दिया। बारिश के दिनों में तो यहां के हालात और भी बदतर हो जाते हैं। प्रांगण में पानी जमा रहता है। गांव के सरपंच सोनिया शर्मा, ब्लॉक समिति सदस्य कृष्ण कुमार व पंच दिनेश ने इसकी हालात को लेकर पशुपालन विभाग को कई बार गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। पंचों की मांग हैं कि जब विभाग इस इमारत को कंडम घोषित कर ही चुका है तो इसे गिराकर नया बनाया जाए।
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गोरखपुर के पशु अस्पताल को कंडम घोषित कर दिया गया है। अब ये रहने लायक नहीं है।
सुभाष भांभू, कार्यकारी अभियंता, लोकनिर्माण विभाग, फतेहाबाद ।

गोरखपुर का पशु अस्पताल असुरक्षित है। यहां पर अब इलाज नहीं किया जा सकता। नाबार्ड से राशि आने पर इस इमारत को गिराकर नई इमारत बनाई जाएगी।
कांशी राम, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद ।

 
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