आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। क्योंकि सभी बिरादरी में लाखों लोग गरीब और जरूरतमंद हैं। यह बात हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने भूना अनाज मंडी में व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जाट आरक्षण आंदोलन समिति के नेताओं से बातचीत करके समस्या का समाधान करना चाहिए। हर समस्या का समाधान बातचीत से होता हैं। हरियाणा में बार-बार आंदोलन होने से प्रदेश में व्यापार व उद्योग पर इसका प्रतिकूल असर पर रहा हैं।
राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने कहा कि आरक्षण के नाम पर देश के कई राज्यों में आंदोलन हो रहे हैं। हरियाणा में भी फरवरी 2016 में कुछ असामाजिक तत्वों ने लूटपाट की। जिसमें अरबों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। गर्ग ने कहा कि सभी बिरादरी के लोग देश और प्रदेश में मिलजुलकर कर व्यापार और खेती कर रहे हैं पर बार-बार आंदोलनों से भाईचारा खराब हो रहा है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का निर्णय लेना चाहिए। ताकि देश में जातपात से ऊपर उठकर आपसी भाईचारा बना रहे। गर्ग ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह अपने वादे के अनुसार कपास पर मार्केट फीस जो पहले की तरह 1.60 रुपये थी उसे अप्रैल 2016 से उतना ही लागू किया जाए। व्यापारियों ने जो कपास की मार्केट फीस ज्यादा भरी है उसे तुरंत रिफंड की जाए। बैठक में भूना व्यापार मंडल प्रधान कैलाश बंसल, नगर पार्षद हरीश गर्ग, सर्वकार संघ प्रधान बलजीत सोनी, प्रदेश संगठन सचिव राजेंद्र बंसल, नंद किशोर गर्ग, नंदलाल कंबोज, अशोक गोयल, राजकुमार गोयल, सुशील सिंगल, विनोद सिंगल, जितेंद्र बंसल, मनोहर लाल गोयल, महावीर गोयल आदि व्यापारी नेताओं ने अपने विचार रखे।