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हाईकोर्ट ने 88 करोड़ बढ़ाया परमाणु संयंत्र प्रभावित किसानों का मुआवजा

Tue, 07 Feb 2017 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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गांव गोरखपुर स्थित परमाणु संयंत्र का प्रवेश द्वार, - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा गांव गोरखपुर में परमाणु संयंत्र के लिए अधिकृत की गई 800 एकड़ जमीन का मुआवजा हाईकोर्ट ने बढ़ा दिया है, लेकिन कोर्ट के फैसले को छह सप्ताह बीतने के बाद भी एनपीसीआईएल किसानों को बढ़ी हुई राशि देने में आनाकानी कर रहा है। ये राशि लगभग 88 करोड़ के करीब बनती है। भू-स्वामियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें शीघ्र ही बढ़ी हुई राशि नहीं मिली तो वे परमाणु संयंत्र के मुख्य द्वार पर ताला जड़ देंगे। हालांकि इस मामले में 20 फरवरी को आगामी सुनवाई होनी है। मुआवजे में देरी के चलते एनपीसीआईएल अधिकारियों को हाईकोर्ट से फटकार लग सकती है। उधर जिला प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते परमाणु संयंत्र के अधिकारियों को तलब करने की तैयारी शुरू कर दी है।

लगभग पांच साल पूर्व एनपीसीआईएल ने गांव गोरखपुर में परमाणु संयंत्र स्थापित करने के लिए गांव गोरखपुर, काजलहेड़ी और बड़ोपल में 1503 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। 13 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका शिलान्यास भी किया। इन गांवों के किसानों ने जमीन अधिग्रहण का लंबा विरोध किया था, लेकिन प्रशासन इनको मनाने में कामयाब रहा था और 13 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका शिलान्यास भी किया। जमीन के मुआवजे के लिए किसानों को प्रति एकड़ लगभग 31 लाख रुपये दिए गए थे लेकिन इनमें से 600 एकड़ के करीब जमीन मालिकों ने नो-लिटीगेशन का शपथ देकर चार लाख अतिरिक्त भी प्राप्त कर लिए। बाकी 8 सौ एकड़ के 127 किसानों ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में वाद दायर कर मुआवजा बढ़ाने की गुहार लगाई।
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अदालत ने अपने फैसले में 9.04 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा बढ़ाने के आदेश दिए। यानी कि मुआवजे की बढ़ी राशि, सरकार की नीति में सोलेटियम, तथा ब्याज मिलाकर 23 लाख रुपये प्रति एकड़ भूमि स्वामियों को दिया जाना था। इस फैसले के खिलाफ एनपीसीआईएल ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों फैसला दिया कि जिला न्यायालय के आदेश का आधा, यानी की चार लाख 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि किसानों को छह सप्ताह के भीतर बिना किसी गारंटी के दी जाए। हाईकोर्ट के आदेशानुसार छह सप्ताह की ये डेडलाइन 27 जनवरी को समाप्त हो गई लेकिन किसान संघर्ष समिति के प्रधान हंसराज सिवाच, ईश्वर शर्मा, कृष्ण सिवाच आदि का आरोप है कि कोर्ट की डेडलाइन खत्म होने के बावजूद अभी तक किसानों को उनका बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया गया है।


जिला प्रशासन तलब करेगा संयंत्र अधिकारियों को
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन भी इस मामले में गंभीर रुख अख्तियार करने जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही जिला प्रशासन परमाणु संयंत्र के अधिकारियों को तलब कर उनसे इस मामले में की गई कार्यवाही की रिपोर्ट मांग सकता है। इसके साथ ही उनसे किसानों को जल्द ही मुआवजा राशि जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे।


हाईकोर्ट के आदेश की औपचारिक प्रति हमें काफी लेट मिली है। ये कानूनी प्रक्रिया है। नियमानुसार जो भी बनेगा, उसकी पूरी पालना की जाएगी। किसानों को उनकी एक-एक पाई मिलेगी।
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-पुतान सिंह तोमर, एचआर हेड, एनपीसीआईएल

हाईकोर्ट ने किसानों को मुआवजा राशि अदा करने के आदेश दिए थे। एनपीसीआईएल के चीफ इंजीनियर को उपायुक्त द्वारा जल्द तलब किया जाएगा और उनसे किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा।
-विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद ।

 
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