रतिया के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन मृतक बच्चों के रिश्तेदार।
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अरोड़ा कॉलोनी में डायरिया के प्रभाव से मारे गए बच्चों के परिवार के अन्य लोगों में भी डायरिया की शिकायत होने पर एकाएक कॉलोनी में हड़कंप मच गया। शनिवार सुबह डायरिया के प्रभाव से मारे गए बच्चों के परिवार के अन्य लोगों में घर के मुखिया तारी चंद की दोहती किरणा रानी को उल्टी और दस्त के कारण रतिया के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
उपरोक्त बच्ची के अलावा उनके अन्य रिश्तेदार रामू और उसकी बेटी मीरा को भी उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। उपरोक्त परिवार के सदस्यों को दाखिल करवाए जाने के पश्चात मुख्य चिकित्सक डॉ. विजय जैन ने बताया कि उपचाराधीन परिवार के लोगों की हालत अब स्थिर है और इसके साथ-साथ कॉलोनी में भी अब स्थिति सामान्य है। हालांकि, जनस्वास्थ्य विभाग कॉलोनी में शुद्ध पानी की सप्लाई करने का दावा कर रहा है, लेकिन डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अब भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग भी उपरोक्त कॉलोनी में डायरिया से पीड़ित मरीजों में कमी आने की बात कर रहा है, लेकिन जिस तरह उपरोक्त बच्चों के पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों ने ही उल्टी व दस्त होने के कारण स्वास्थ्य विभाग पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गत 18 सितंबर को डायरिया के प्रभाव के चलते अरोड़ा कॉलोनी में चचेरे भाई-बहन की मौत होने के अलावा करीब 300 से भी अधिक मरीज इस बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिनका इलाज रतिया के सामान्य अस्पताल में करने के अलावा अग्रोहा और फतेहाबाद के अस्पतालों में हुआ था। कॉलोनी में डायरिया फैलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने दूषित पानी की सप्लाई होने का कारण बताया था। जनस्वास्थ्य विभाग ने कॉलोनी में पुरानी पीने के पानी की लाइनें बंद कर रातों-रात अन्य पाइप लाइनें बिछाने के पश्चात भेजे गए सैंपलों में शुद्ध पानी सप्लाई होने का दावा किया था। जनस्वास्थ्य विभाग के इस दावे पर स्वास्थ्य विभाग ने ही सवालिया निशान लगा दिया था। उन्होंने अपने विभाग के अरोड़ा कॉलोनी के भेजे गए दो सैंपलों के फेल होने की पुष्टि की थी।