भाखड़ा नहर में क्रूजर गाड़ी गिरने के बाद 10 साल के अरमान की जान बची है जबकि उसके माता-पिता और बहन भी गाड़ी में सवार थे। गांव रियोंद निवासी अरमान का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
अरमान से जब घटना के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि ओनू लगा (चालक को) सडक़ आ गई तो गड्डी मोड़ ली ते फिर नहर विच डिग गई। अरमान ने बताया कि गाड़ी नहर में गिरने के बाद आगे का शीशा टूट गया और पिछली तरफ की खिडक़ी भी खुल गई। इसके बाद वह निकल कर गाड़ी के ऊपर आ गई और कई देर तक पड़ा रहा। इसके बाद वहां आए लोगों ने बाहर निकाला। अरमान ने बताया कि वह अपने पिता जसविंद्र, मां रविंद्र कौर और छोटी बहन के साथ लाधुका मंडी में शादी में गए थे।
क्रूजर गाड़ी भाखड़ा नहर में गिरने के बाद सबसे पहले खुद ही गांव महमड़ा निवासी जरनैल सिंह बाहर निकल कर आया था। नहर से बाहर आने के बाद उसने पहले गुजरे राहगीरों से मदद मांगी लेकिन नहीं मिली और फिर आगे चला गया। वहां बैठे दो राहगीरों ने गांव सरदारेवाला पहुंचाया और गांव में अनाउसमेंट करवाकर ग्रामीणों को एत्रित किया। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। जरनैल ने कहा कि मैं गड्डी तो निकलन दी कोशिश की तां बच गई जान, तैरना आंदा सी।
महमड़ा निवासी जरनैल सिंह ने आप बीती बताते हुए बताते हुए बताया कि गांव महमड़ा से 28 जनवरी को मासी के बेटे की शादी में गए थे। 29 को बारात में गए थे और 31 जनवरी को पार्टी के बाद वहां से चले थे। जब डबवाली के पास पहुंचे तो धुंध आ गई थी। मामा गाड़ी चला रहा था। जब गाड़ी गिरी तो उसने तुरंत खिडक़ी को खोला लेकिन नहीं खुली। इसके बाद दोबारा प्रयास किया तो कोट अड़ गया। जिसे उसने उतार दिया और तैरना आता था तो बाहर निकल आया।
नहर करीब 15 से 20 फुट गहरी है। बाहर आया तो दो लोग मिले उन्हें रोका लेकिन नहीं रूके और फिर आगे चला तो दो आदमी बैठे थे। मैनें राते हुए घटना के बारे में बताया। इसके बाद उसे वह गांव सरदारेवाला में ले गए और और पहनने को कपड़े दिए। मौके पर आए तो काफी ग्रामीण पहुंच गए थे। मुझे घबराहट होने लगी तो उसे दोबारा गांव में ले गए। गाड़ी में बहन, माता, मौसा, मामी, मामी पंजाब की, मासी के बेटे और पुत्रवधु, भांजा व भांजी व बहन की बहू थी।