धान की खरीद को लेकर किसानों को घुटने तक पसीना आ रहा है। धान की खरीद में पुख्ता इंतजाम ना होने व सरकारी अधिकारियों की ढिलाई के चलते किसान व व्यापारी दोनों ही खासे परेशान हैं। शुक्रवार को धान के कम दामों को लेकर किसान व व्यापारियों के बीच हुए विवाद निपट जाने के बाद शनिवार को निजी खरीददारों ने तो खरीद शुरू कर दी लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारी सांय चार बजे के बाद ही मंडी पहुंचे। अधिकारी देरी से खरीद करने क्यों पहुंचे, इसके लिए जवाब देने से खरीद अधिकारी लगातार बचते रहे। मंडियों में शनिवार तक 60 हजार मीट्रिक टन धान उठान की इंतजार में पड़ा है।
शुक्रवार को 1121 किस्म की खरीद को लेकर किसानों व व्यापारियों में विवाद हुआ था जिसके बाद खरीददारों ने धान की खरीद बंद कर दी थी। शुक्रवार रात को व्यापार मंडल के कार्यालय में मंडी के सभी खरीददार, व्यापारी, व व्यापार मंडल के पदाध्किारी एकत्रित हुए जहां पर पुलिस ने आरोपी किसान निवासी दौलतपुर को पेश किया।
किसान द्वारा माफी मांगने के बाद धान खरीद शुरु करने की स्वीकृति दे दी। इस मौके पर परमेश्वरी दास घनश्याम दास फर्म के मालिक दीपक तायल, दीवानचंद्र, राजेंद्र कुमार के रमेश कुमार, सिटी ट्रैडर्स के संजय कुमार, आरआर इंडस्ट्री के हजारी लाल, मंगला ट्रेडर्स के रवि, व्यापार मंडल के प्रधान प्रेम मित्तल, उपाध्यक्ष रवि मेहता, सुभाष मुंजाल, जगदीश भादू, हरभजन कंबोज आदि मौजूद रहे।
पुलिस मौजूदगी में हुई धान की खरीद
शनिवार को निजी खरीददारों ने सुबह खरीद शुरू की तो कम दाम देने का आरोप लगाते हुए एक किसान ने व्यापारियों पर लूट मचाने के आरोप लगाए। लंबी बहस के बाद व्यापार मंडल ने पुलिस को बुलाया। इसके बाद पूरा दिन पुलिस की मौजूदगी में ही धान की खरीद की गई।
धान की नहीं हो सकी सरकारी खरीद
अधिकारियों के ढीलेपन और ड्यूटी से बच रहे कर्मचारियों की मनमानी के कारण शनिवार को अनाज मंडी में शाम चार बजे सरकारी खरीद शुरू हो सकी। सरकारी खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने शनिवार को धान की खरीद करनी थी। खरीद एजेंसियों के अधिकारियों का समय सुबह दस बजे का है। किसान सुबह दस बजे धान बिकने का इंतजार करते रहे और व्यापारी अधिकारियों के आने का। वे अधिकारियों को फोन भी करते रहे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
सरकारी खरीद एजेंसी परमल धान की खरीद करती है। जो यहां सबसे ज्यादा पैदा होता है। फतेहाबाद में वीरवार को भी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने धान की खरीद नहीं की थी। व्यापारियों के दबाव में शनिवार को विभाग के अधिकारी आए तो सही लेकिन पांच बजे के बाद ढाई सौ क्विंटल ही धान की खरीद हो पाई। जबकि पीआर की आवक 15 हजार क्विंटल की प्रतिदिन आवक है। अकेले फतेहाबाद में इस समय 40 हजार क्विंटल धान परमल का स्टॉक में पड़ा हुआ है। जिसका व्यापारी और किसान बिकने का इंतजार कर रहे हैं। इस बारे में डीएफएससी केके मल्हान को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
अब तक 6 लाख मीट्रिक टन की आवक, 91 फीसदी का हुआ उठान
उपायुक्त एनके सोलंकी ने बताया कि जिला की मंडियों में अब तक 6 लाख 5 हजार 144 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 4 लाख 18 हजार 812 मीट्रिक टन धान की आवक हुई थी। इसके अतिरिक्त जिला की मंडियों से अभी तक 91 प्रतिशत धान का उठान भी किया जा चुका है।
शाम को परमल की खरीद जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने की थी। बाकायदा पुलिस की मौजूदगी में खरीद करवाई गई है। निजी खरीददारों ने समझौते के बाद सुबह ही खरीद शुरू कर दी थी।
-दिलावर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, फतेहाबाद ।