किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की जिम्मेदारी उस शहर के उद्योग धंधों की होती है लेकिन फतेहाबाद शहर में इनको पनपने में मदद देने वाला इंडस्ट्रियल एरिया आज खुद के बेहाल रास्तों पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। हिसार रोड पर स्थित इस एरिया में लगभग दो दर्जन के करीब फैक्ट्रियां हैं लेकिन बावजूद इसके प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी इसके विकास से मानों मुंह मोड़े बैठे हैं। अगर ऐसा ना होता तो यहां की सड़कें टूटी ना होती, यहां के गड्डों में शनिवार रात की बारिश का पानी इकट्ठा ना होता और यहां के खाली प्लाटों में गंदगी का साम्राज्य ना होता। हैरत तो इस बात को लेकर भी है कि इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के लाख प्रयासों के बावजूद यहां की समस्याओं को लेकर प्रशासन भी गंभीर नजर नहीं आ रहा।
मुख्य सड़क का हाल बेहाल, जगह-जगह हैं गड्डे
इंडस्ट्रियल एरिया की मुख्य सड़क लगभग आधा किलोमीटर लंबी है जो दूसरी ओर पर मिनी बाईपास को नेशनल हाइवे से जोड़ती है। लेकिन इस आधा किलोमीटर लंबी सड़क में ही तकरीबन डेढ़ दर्जन गड्डे हैं जिनमें वाहन गुजारना तो दूर, पैदल चलना भी किसी आफत से कम नहीं है। हालांकि सीवरेज व्यवस्था यहां पर है बावजूद इसके सीवरेज का गंदा पानी अक्सर सड़कों पर ही फैला रहता है जिसके कारण ये एरिया बीमारियों को निमंत्रण देता भी नजर आता है। स्थानीय निवासियों की मानें तो बारिश के दिनों में तो यह जगह किसी नरक से कम नहीं लगती। इसके पीछे यहां की सड़कों पर एक-एक फुट तक पानी का भर जाना है।
खुले प्लॉट बने गंदगी का साम्राज्य
शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में कई प्लाट खुले पड़े हैं। यानी इनकी चारदीवारी तक नहीं की गई है। ऐसे में आसपास के लोग अपनी फैक्ट्री, घरों और दुकानों का कचरा इन्हीं खुले प्लाटों में फेंक देते हैं। जिसके चलते यहां के खुले प्लॉटों में अब सिर्फ गंदगी के ढेर और गंदा पानी नजर आता है। लोगों की मानें तो कुछ समय तक नगर परिषद के कर्मचारी गंदगी उठाने आते रहे लेकिन अब पिछले काफी समय से वे लोग भी अब गंदगी उठाने नहीं आते जिसके चलते धीरे-धीरे यहां पर गंदगी के ढेर लग गए। स्थानीय निवासियों का मानना है कि अगर प्लॉटों के मालिक इनकी सफाई करवाकर यहां पर चारदीवारी करा दें तो इस समस्या का हल निकल सकता है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी इस बारे में भी मौन साधे खड़े हैं जबकि नगर परिषद के नियमानुसार प्रत्येक खाली प्लॉट की चारदीवारी करवाना अनिवार्य है।
क्या कहते हैं इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष
प्रशासन इंडस्ट्रियल एरिया की सफाई को लेकर गंभीर नजर नहीं आता। एसोसिएशन की ओर से इस बारे में लिखित शिकायत तक दी जा चुकी है। पूछने पर अधिकारी कहते हैं कि बजट आने पर सड़क बनवा देंगे लेकिन पिछले दो सालों से इस सड़क पर एक बार भी मरम्मत तक नहीं करवाई गई।
नरेश सरदाना, प्रधान, इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन, फतेहाबाद ।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में बात करने पर नप ईओ ओपी सिहाग ने कहा कि शहर के सौंदर्यकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। अगर इंडस्ट्रियल एरिया में सफाई और सड़क की मरम्मत को लेकर परेशानी है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।