फतेहाबाद में बैठक करते भारतीय किसान संघ के सदस्य।
फतेहाबाद। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जीएम (जेनेटिक मॉडिफाइड) बीज के इस्तेमाल को लेकर अभी कोई निर्णय न लेने के फैसले का भारतीय किसान संघ ने स्वागत किया है। उन्होंने कृषिमंत्री द्वारा दिए गए बयान का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला बताया है।
बता दें कि जीएम बीज के इस्तेमाल का भारतीय किसान संघ ने पुरजोर विरोध किया था। इसको लेकर संघ द्वारा जिला प्रधान रोहताश पंघाल के नेतृत्व में राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला और सिरसा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा के प्रतिनिधि अरविंद शर्मा को मांग पत्र भी सौंपा गया था। केंद्रीय कृषि मंत्री का कहना है कि जीएम बीज को लेकर किसानों के साथ-साथ वैज्ञानिकों के मन में भी कई आशंका है। इससे हम कंपनियों पर निर्भर हो जाते हैं। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि जीएम बीज के इस्तेमाल के कई दुष्परिणाम हैं।
केंद्र सरकार ने जीएम बीज की तरफ न जाने का फैसला किया है, जब तक सारी आशंकाओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस दिशा में आगे नहीं कदम नहीं उठाया जाएगा। भारतीय किसान संघ की बैठक में जिला प्रधान रोहताश पंघाल ने केंद्र सरकार व कृषि मंत्री का आभार जताया।