फतेहाबाद। किसानों को जमीनों का मालिकाना हक दिलाने से लेकर मुआवजा राशि देने सहित सात मुद्दों को लेकर किसानों ने शहर में रोष मार्च निकाला। इससे पहले पुरानी अनाज मंडी में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सम्मेलन हुआ।
सम्मेलन में जिलेभर से किसान पहुंचे। यहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और मांगें नहीं मानने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया गया। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय पहलवान साक्षी मलिक भी शामिल हुई। रोष मार्च निकालते हुए किसान लघु सचिवालय पहुंचे। जहां बैरिकेड्स लगाकर किसानों को रोका गया। मगर कुछ देर बाद सभी को आगे जाने दिया गया। बाद में किसानों ने डीसी मनदीप कौर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों के रोष मार्च की सूचना के चलते दिनभर भारी पुलिस बल लघु सचिवालय परिसर में तैनात रहा।
किसान नेता बोले, भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका जिला
वहीं, किसान नेताओं ने जिले में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि जिला भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। हर विभाग में दलाली होती है। ईमानदार अफसर तो जिले में नौकरी भी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में ईमानदार सरकार होने की बात कहते हैं, लेकिन उनको हमसे सुबूत लेने चाहिए। हम एक-एक विभाग की पोल उनके समक्ष रखने का काम करेंगे।
जब तक किसान नहीं आए तब तक लघु सचिवालय में ही डटे रहे पुलिसकर्मी
किसानों के रोष प्रदर्शन के चलते सुबह ही पुलिसकर्मी लघु सचिवालय भेज दिए गए। हुडा चौकी प्रभारी भी वहां तैनात किए गए। मगर किसान रोष प्रदर्शन करते हुए दोपहर 2.30 बजे बाद लघु सचिवालय पहुंचे। तब तक पुलिसकर्मी अलग-अलग तरीकों से टाइम पास करते नजर आए। किसी ने पार्क में बैठकर तो किसी ने फोन पर बतियाते हुए समय व्यतीत किया।
साक्षी मलिक ने 28 मई को दिल्ली पहुंचने का किया आह्वान
किसानों के सम्मेलन में पहुंची अंतरराष्ट्रीय पहलवान साक्षी मलिक ने 28 मई को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को न्याय दिलाने के लिए खाप पंचायतों ने नई संसद के सामने महापंचायत का फैसला लिया है। इसलिए इस महापंचायत में शामिल होकर देश की बेटियों का सहयोग करें।
किसानों ने ये उठाए सात मुद्दे
- आठ फरवरी को पेहवा में किसान संगठनों का सम्मेलन हुआ, जिसमें फैसला किया गया कि किसानों को जमीनों का मालिकाना हक दिलाने के लिए संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार विधानसभा में कानून बनाकर उनको मालिकाना हक नहीं दे देती। इसलिए सरकार जल्द कानून बनाए।
- आवारा पशुओं से दुर्घटना होने पर अस्पताल का पूरा खर्चा सरकार वहन करे। अगर किसी की लावारिस पशु से दुर्घटनाग्रस्त होकर मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाए।
- नए भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को राज्य सरकार वापस ले। कलेक्टर रेट से चार गुणा रेट पर भूमि अधिग्रहण हो। सड़कों और रेलवे के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के साथ किसानों को रास्ते और पानी की निकासी का प्रबंध अलग से हो।
- बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को गिरदावरी के बाद सभी फसलों का मुआवजा जल्द जारी किया जाए ताकि किसान के नुकसान की भरपाई हो सके।
- लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने की साजिश रचने के आरोपी मंत्री को पद से बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए, ताकि जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ मिल सके।
- किसानों के लंबित ट्यूबवेल कनेक्शनों को जल्द जारी किया जाए।
- देश की गोल्ड मेडलिस्ट बेटियों के धरने को किसान संगठनों का पूरा समर्थन है। आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को जल्द गिरफ्तार किया जाए। हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया जाए।
मुख्यमंत्री के नाम सात मुद्दों पर डीसी को ज्ञापन सौंपा गया है। जब तक सरकार हमारी मांगों का समाधान नहीं करेगी, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
-मनदीप नथवान, प्रदेशाध्यक्ष, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति