फतेहाबाद। सक्षम युवाओं के मानदेय को लेकर प्रदेश सरकार के नए फरमान से बेरोजगारों पर संकट खड़ा हो गया है। सक्षम युवाओं को सरकारी विभागों में 100 घंटे हर माह काम मिलना बंद हो गया है। सरकार ने सक्षम युवाओं के मानदेय को लेकर नए आदेश जारी किए थे कि इन्हें संबंधित विभाग मानदेय का 75 फीसदी और 25 फीसदी रोजगार विभाग देगा। इन आदेशों के बाद सरकारी विभागों को सक्षम युवाओं की जरूरत ही खत्म हो गई है। अधिकारियों की माने तो 90 फीसदी तक डिमांड खत्म हो गई है।
जिले में 14502 सक्षम युवा रजिस्टर्ड है, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि मात्र 270 की डिमांड आई है और इसमें 210 को ही काम मिला है। सबसे ज्यादा डिमांड जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सक्षम युवाओं की हो रही थी। अब जनस्वास्थ्य विभाग भी मानदेय देने के डर से पीछे हट गया है। इसके अलावा न ही अब नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग डिमांड कर रहा है। पहले सर्वे व कार्यालय काम से संबंधित सक्षम युवाओं की डिमांड की जा रही थी। संवाद
पहले डिमांड करने वाला विभाग सिर्फ भेजता था हाजिरी
सक्षम युवाओं की डिमांड करने वाला विभाग पहले सिर्फ हाजिरी भेजता था। हाजिरी सत्यापित होने के बाद रोजगार विभाग भत्ता व मानदेय जारी कर देता था। अब काम करवाने वाले विभाग को मानदेय का 75 फीसदी अंश देना है।
ये मिलता है बेरोजगारों को भत्ता और मानदेय :
रोजगार विभाग की तरफ से पोस्ट ग्रेजुएट सक्षम युवाओं को 3000 भत्ता और 6000 रुपये मानदेय, ग्रेजुएट सक्षम युवाओं को 1500 रुपये भत्ता और 6000 रुपये मानदेय और बारहवीं पास को 900 रुपये भत्ता और 3000 रुपये मानदेय दिया जाता है।
जिले में ये सक्षम युवा है रजिस्टर्ड
पोस्ट ग्रेजुएट पास - 1183
ग्रेजुएट पास - 3412
सीनियर सेकेंडरी पास - 9907
आठ माह बाद शुरू हुआ पोर्टल, रजिस्ट्रेशन शुरू :
सक्षम युवाओं के रजिस्ट्रेशन को लेकर विभाग ने पोर्टल बंद कर दिया था। करीब आठ माह बाद अब पोर्टल शुरू हुआ है। सितंबर माह माह में पोर्टल बंद किया गया था, इसके चलते सक्षम युवा रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे थे, लेकिन पोर्टल शुरू कर दिया गया है। इसके चलते जिला रोजगार कार्यालय में फाइल जमा करवाने के लिए युवाओं की भीड़ लग रही है।
सरकारी विभाग द्वारा 100 घंटे काम के लिए सक्षम युवाओं की डिमांड की जाती है। डिमांड के मुताबिक सक्षम युवा संबंधित विभाग में काम करते हैं। अब सरकार ने 75 फीसदी संबंधित विभाग द्वारा मानदेय देने के निर्देश जारी किए हैं। इसके चलते विभागों द्वारा डिमांड में कमी आई है।
- राजेश कुमार, जिला रोजगार अधिकारी