शहर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान।
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फतेहाबाद। जिले में भारी बारिश के कारण खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग को लेकर किसानों ने शहर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। पीड़ित किसानों को नुकसान का वितरित करने, बैंकों की रिकवरी पर रोक लगाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के आह्वान पर किसान बुधवार को हलका प्रधान संदीप काजला के नेतृत्व में लालबत्ती चौक पर इकट्ठा हुए। यहां पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लाए गए देह शामलाल व मुश्तरफा मालकान कानून की प्रतियां फूंकी। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों ने डीसी की गैर मौजूदगी में नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे में किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए राहत नहीं पहुंचाई गई तो वे रोड जाम करने पर मजबूर होंगे।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के हलका प्रधान संदीप काजला ने कहा कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण खेतों में भारी जलभराव हो गया है। इससे किसानों की धान, कपास, बाजरा, नरमा, सब्जियों व अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण पूरी फसल तबाह हो गई है। किसान अपनी पूंजी फसलों पर खर्च कर चुके थे लेकिन जब बेचने का समय आया तो उन पर प्राकृतिक आपदा का कहर टूट पड़ा। अब किसानों के सामने अपने परिवार का पालन पोषण करने व अगली फसल की बिजाई के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि ऐसे में सरकार द्वारा तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाए ताकि किसान अगली फसल की बिजाई आसानी से कर सके। बैंकों को निर्देश जारी किए जाएं कि फसल खराबा के कारण इस बार फसल से होने वाली रिकवरी को फिलहाल रोका जाए ताकि भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे किसानों को कुछ राहत मिल सके।
मकानों व ढाणियों के नुकसान झेलने वालों को आर्थिक मदद दें
किसान नरदीप चाणचक, मांगेराम, राजेंद्र नेहरा, जगतार हड़ौली, लखबीर सिंह, तारा सिंह, कृष्ण ने कहा कि बारिश के कारण फसलों को ही नहीं भूना, हड़ौली, नागपुर, खुंबर आदि गांवों में मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गरीब किसान-मजदूर परिवार बेघर हो गए हैं। ऐसे में सरकार द्वारा मकानों व ढाणियों को हुए नुकसान का भी आकलन ही गरीब परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा गांवों में से 20 से 30 पानी रिचार्ज बोर लगाए जाएं ताकि ज्यादा बारिश की स्थिति में पानी जमीन में जा सके और भूजल स्तर सुधर सके। उन्होंने गांव नागपुर में बच्चे की पानी में डूबने से हुई मौत पर परिवार को आर्थिक सहायता देने और देह शामलाल व मुश्तरफा मालकान कानून को तुरंत वापस लिया जाए।