फतेहाबाद में लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे किसान।
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फतेहाबाद। पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने, ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा देने और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर किसानों ने शुक्रवार से लघु सचिवालय के बाहर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। किसान संघर्ष समिति ने मुकदमे रद्द न होने तक आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता 80 वर्षीय किसान बलदेव सिंह ने की और भूख हड़ताल में शामिल हुए।
संघर्ष समिति के नेता मनदीप नथवान ने बताया कि 80 वर्षीय बलदेव सिंह के खिलाफ भी प्रशासन ने झूठा पर्चा दर्ज कर रखा है। बलदेव सिंह के नाम कोई जमीन नहीं है और न ही कोई खेती करता है। प्रदेश सरकार ने एक बुजुर्ग किसान को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है। पराली समस्या का समाधान सरकार को करना चाहिए था लेकिन सरकार ने किसान हित में काम करने की बजाय मजबूरी में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ ही केस दर्ज करने शुरू कर दिए, जिसे संघर्ष समिति बर्दाश्त नहीं करेगी। शुक्रवार को धरना स्थल पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सरकार की इन नीतियों के विरोध में गांव-गांव में सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। इस कड़ी में 1 दिसंबर को गांव हसंगा में प्रदेश सरकार का पुतला जलाया जाएगा और किसानों को धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की जाएगी।
आज ये किसान बैठे भूख हड़ताल पर
शुक्रवार को 11 किसान 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें बलबीर सिंह, दर्शन सिंह, बलदेव सिंह, मनदीप नथवान, दुला सिंह, बाबू सिंह, महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, सुखविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, दलीप सिंह शामिल हैं। इस धरने को तजिंदर सिंह, मलकीत सिंह रंधावा, बाबा गुरबचन सिंह, सुखदेव सिंह, रामकिशन फौजी, ओमप्रकाश लाडी, दलबीर सिंह फतेहाबाद, बलवंत सिंह घोटडू आदि ने भी संबोधित किया।