फतेहाबाद। गांव दैयड़ में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान। स्त्रोत : किसान संघ
भट्टूकलां। नरमे की फसल खराब होने के बाद भी बीमा क्लेम जारी नहीं होने से नाराज किसानों ने गांव दैयड़ में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसान मजदूर एकता संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने में वीरवार को किसानों ने करीब तीन घंटे तक सरकार और बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने की अध्यक्षता संदीप जाखड़, राम सिंह जांगड़ा, बलवान सिंह चाहर और मोहन लाल सूच ने संयुक्त रूप से की जबकि मंच संचालन भरत सिंह कटेवा ने संभाला। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान कामरेड विष्णुदत्त ने कहा कि वर्ष 2025 में गुलाबी सुंडी और प्रतिकूल मौसम के कारण नरमे की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी।
किसानों ने समय पर फसल बीमा प्रीमियम जमा करवाया था लेकिन अब मुआवजा देने के समय बीमा कंपनी ने अधिकारियों की मिलीभगत से क्लेम पर आपत्तियां लगाकर भुगतान रोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर क्लेम अटकाए जा रहे हैं ताकि किसानों का हक मारा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द आपत्तियां हटाकर बीमा राशि जारी नहीं की गई तो आंदोलन पूरे जिले में फैलाया जाएगा।
धरने को सुभाष चंद्र भादु, कमल बिसला, जगदीश बैनीवाल और पगड़ी संभाल जट्टा संगठन के सतीश बैनीवाल ने भी संबोधित किया। इस दौरान रामस्वरूप पटवारी, पृथ्वी सिंह, रणधीर सिंह, संदीप नम्बरदार, रिछपाल सिंह, राम सिंह पूनिया और विनोद सहारण सहित अनेक किसान मौजूद रहे।