फतेहाबाद। जिले की मुख्य सिंचाई नहर फतेहाबाद ब्रांच रविवार से बंद होने के आदेशों के विरोध में किसानों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों ने नहरों में कम से कम दो सप्ताह तक लगातार पानी चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बंदी से सरसों और चने की बिजाई प्रभावित होगी।
लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने एसडीएम राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यह समय रबी की फसलों की बिजाई के लिए महत्वपूर्ण है। खेत तैयार करने और समय पर बुवाई के लिए सिंचाई के पानी की जरूरत है। नहरों में पानी बंद होने से किसानों को सिंचाई के साथ पेयजल की समस्या भी झेलनी पड़ सकती है।
किसानों ने मांग की कि नहरों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पानी की आपूर्ति जारी रखी जाए। उनका कहना था कि नहरों की सफाई जरूरी है तो सिंचाई विभाग यह काम मार्च या अप्रैल में करवाए। इससे रबी की फसलों की बिजाई प्रभावित नहीं होगी और किसानों को जरूरी समय पर पानी मिल सकेगा।
सिरसा जिले से भी पहुंचे किसान
फतेहाबाद ब्रांच में शेड्यूल के अनुसार महीने में 15 दिन पानी छोड़ा जाता है। इससे अंतिम छोर तक पानी पहुंच जाता है लेकिन अब सिंचाई विभाग ने एक सप्ताह पानी चलाने व तीन सप्ताह नहर बंद करने का शेड्यूल बनाया है। इस बारे में सिरसा जिले के गांव चाहरवाला, जोगीवाला और कागदाना के किसानों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया है।
पेयजल की होगी किल्लत
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मंदीप नथवान ने बताया कि यदि इस समय पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्हें बिजाई में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे फसलों की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग से मांग की कि नहरों में दो सप्ताह तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पानी को नहरों की सभी टेल तक पहुंचाया जाए ताकि अंतिम छोर पर स्थित खेतों के किसानों को भी पर्याप्त पानी मिल सके।
खेड़ी नहर के निर्माण की उठी मांग
किसान सतीश बैनीवाल ने बताया कि खेड़ी नहर 40 साल पुरानी है। इस नहर से 24 गांवों में सिंचाई और 40 गांवों को पेयजल की सप्लाई होती है। ऐसे में इस नहर का निर्माण करवाया जाए। वहीं, चुली खुर्द, दैयड़ और गांव चाहरवाला में भूमिगत जल खारा होने के कारण यहां की कृषि नहरी पानी निर्भर है। नहर से किसानों को महीने में दो सप्ताह पानी की सप्लाई दी जाती है लेकिन अब यह एक सप्ताह दी जाएगी। जिसके कारण फसलों की बिजाई प्रभावित हो सकती है।