फतेहाबाद। गांव बड़ोपल में बैठक करते किसान संगठन के सदस्यों। संगठन
फतेहाबाद। गांव बड़ोपल, खाराखेड़ी और धांगड़ के किसानों ने खेतों से गुजरने वाली हाई वोल्टेज विद्युत लाइनों और बड़े टावरों के बदले दिए जा रहे कम मुआवजे पर कड़ा एतराज जताया है। संयुक्त बैठक में किसानों ने चेतावनी दी कि उचित मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य नहीं चलने दिया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मंदीप नथवान ने कहा कि उपजाऊ जमीन पर टावर लगने और ऊपर से भारी विद्युत लाइनें गुजरने से जमीन का मूल्य प्रभावित होता है। खेती के दौरान भी जोखिम बना रहता है। इसके बावजूद किसानों को दिया जा रहा मुआवजा वास्तविक नुकसान के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों की उपजाऊ जमीन का कम मूल्यांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिजली कंपनियों और सरकार को वास्तविक नुकसान का आकलन कर बाजार भाव के अनुसार उचित मुआवजा देना चाहिए।
पगड़ी संभाल जट्टा के जिला प्रधान ओम प्रकाश हंसा और ब्लॉक सचिव रामपाल ने कहा कि टावरों के लिए इस्तेमाल जमीन और विद्युत लाइनों के नीचे आने वाले पूरे रकबे का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। जब तक किसानों को सम्मानजनक भुगतान नहीं किया जाता तब तक काम किसी भी सूरत में नहीं चलने दिया जाएगा।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय व प्रमुख मांग
- खेतों में लगने वाले बिजली टावरों के नीचे आने वाली जमीन का बाजार दर के अनुसार पूरा मुआवजा तय हो।
- हाई वोल्टेज तारों के नीचे आने वाले क्षेत्र के लिए उचित मुआवजा व फसल नुकसान का स्थायी प्रावधान किया जाए।
- यदि सरकार व संबंधित विभाग ने किसानों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेकर न्यायसंगत मुआवजा नहीं दिया तो तीनों गांवों के किसान मिलकर एक बड़े आंदोलन का एलान करेंगे।