फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में नरमा फसल की आवक जोरों पर है। मंडियों में रोजाना 1000 क्विंटल से अधिक नरमा पहुंच रहा है। इस बार नरमा के अच्छे भाव के साथ बंपर पैदावार होने से किसान खुश है। किसानों को उत्पादन बेहतर रहने और बाजार में अच्छे दाम मिलने से उन्हें फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
नरमा की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में किसानों को निजी खरीद में अधिक भाव मिल रहा है। सरकार की ओर से मध्यम रेशे की नरमा का एमएसपी 8,267 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि उच्च किस्म के रेशे वाली नरमा के लिए 8,667 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
इसके मुकाबले मंडियों में निजी व्यापारी किसानों से नरमा की खरीद 8,800 रुपये से लेकर 9,050 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक के भाव पर कर रहे हैं। इससे किसानों को एमएसपी के मुकाबले बेहतर दाम मिल रहा है।
गुणवत्ता के आधार पर भाव में अंतर
अनाज मंडी में नरमा के भाव उसकी गुणवत्ता, नमी और रेशे की गुणवत्ता के आधार पर तय हो रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता और कम नमी वाली नरमा को व्यापारी अपेक्षाकृत ऊंचे भाव पर खरीद रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बाजार में इसी तरह भाव बने रहे तो उन्हें लागत निकालने के बाद अच्छा मुनाफा हो सकता है।
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बंपर पैदावार से बढ़ी किसानों की उम्मीद
इस सीजन में भट्टू व फतेहाबाद क्षेत्र में नरमा की पैदावार भी अच्छी है। किसानों के अनुसार प्रति एकड़ में 8 से 10 क्विंटल तक नरमा का उत्पादन होने का अनुमान है। बेहतर पैदावार होने से किसानों को दोहरा लाभ मिल रहा है। एक ओर खेतों में फसल का उत्पादन अच्छा हुआ है, वहीं दूसरी ओर मंडियों में एमएसपी से अधिक भाव मिलने से आमदनी बढ़ने की संभावना है। किसान अब मंडियों में नरमा लेकर पहुंच रहे हैं और बाजार के भाव पर नजर बनाए हुए हैं।
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उम्मीद है कि आवक बढ़ने के बावजूद बाजार में नरमा के भाव मजबूत बने रहेंगे। किसानों को अपनी मेहनत और लागत का बेहतर मूल्य मिलने की आस है। मंडी में पहुंचते ही नरमा की खरीद हो गई है।
- सुभाष, भोडियाखेड़ा, किसान।
मैं वीरवार सुबह अनाज मंडी में नरमा की फसल लेकर अनाज मंडी आया था सुबह 11 बजे ही निजी व्यापारियों की ओर से मेरी फसल की खरीद हो गई है। मुझे 8800 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला है।
- राजेंद्र, कुकड़ांवाली किसान।
:: अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी है। निजी व्यापारियों की ओर से नरमा की खरीद जारी है। मंडी में किसानों के लिए पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की गई है।
- अमित रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।