शहर की पुरानी अनाज मंडी में सरसों की सफाई करते मजदूर। संवाद
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद के पहले दिन फसल अनाजमंडी में बिक्री के लिए नहीं पहुंचीं। किसानों का कहना है कि खेतों में गेहूं की कटाई अभी शुरु नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर, सरसों की सरकारी खरीद जारी होने के बावजूद किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की बजाय निजी व्यापारियों को फसल बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
प्रशासन ने बुधवार से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध करने के दावे किए थे। बुधवार को फतेहाबाद की अनाज मंडी में वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन की खरीद का दिन था। गेहूं की एमएसपी पर खरीद के लिए अनाज मंडी में एजेंसियों पहुंची, लेकिन कटाई का काम अभी शुरू न होने के कारण मंडियाें में आवक नहीं हुई। जिले में गेहूं की फसल की कटाई 10 अप्रैल के बाद ही जोर पकड़ेगी। वर्तमान में गेहूं की फसल में नमी अधिक है, जिसके चलते किसान अभी कुछ दिन और इंतजार कर रहे हैं।
सरसों की एमएसपी पर नहीं हुई खरीद, निजी जारी
जिले में सरसों की खरीद को लेकर सरकार ने एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव निर्धारित किया है लेकिन मंडी में अभी तक किसी भी किसान ने अपनी सरसों की फसल को सरकारी भाव पर नहीं बेचा हैं। बुधवार को 2 किसानों ने सरकारी खरीद के लिए टोकन कटवाए लेकिन फसल निजी व्यापारियों को बेची है। अब तक लगभग 15,000 क्विंटल सरसों की खरीद निजी व्यापारियों की ओर से की जा चुकी है। मंडी में पहुंचे किसान विनोद, सत्यवान, जोगिंद्र और रामरख आदि का कहना है कि निजी तौर पर फसल बेचने में उन्हें 6700 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा हैं। वहीं भुगतान और फसल की तौलाई भी तुरंत हो जाती है।
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:: अनाज मंडियों में खरीद केंद्रों पर पेयजल, बिजली और किसानों के बैठने के उचित प्रबंध किए गए हैं। गेहूं की आवक शुरू होते ही उठान का कार्य भी साथ-साथ सुनिश्चित किया जाएगा ताकि मंडियों में भीड़ न लगे। उम्मीद है कि 10 दिनों के बाद मंडियों में गेहूं की खरीद खरीद शुरू हो जाएगी।
- अमित कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।