हरियाणा की अनाज मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद न होने, उठान में देरी और पोर्टल की जटिलताओं को लेकर बुधवार को किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने रोहतक, नरवाना, रतिया और यमुनानगर सहित कई जिलों में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर सांकेतिक तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार पर 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद के खोखले वादे करने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
दावे 24 फसलों के, भाव मिल रहा आधा'
रोहतक की नई अनाज मंडी में किसानों ने सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक मार्केट कमेटी कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर 3 घंटे की सांकेतिक तालाबंदी की। किसान सभा के महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि सरकार ने नए नियम थोपकर किसानों की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दावों के बावजूद मंडी में बाजरा निर्धारित 2900 रुपये के बजाय 2100 रुपये प्रति क्विंटल और धान 2461 रुपये के बजाय 2000 रुपये से 2100 रुपये में बिक रहा है। समाधान न होने पर किसानों ने प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
पुराने बाटों से तौल और 'खर्ची-पर्ची' के खेल पर सवाल
नरवाना की नई अनाज मेला मंडी में अखिल भारतीय किसान सभा और अन्य संगठनों के नेतृत्व में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगा दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि धान का उठान कछुए की गति से चल रहा है और अवैध घोषित हो चुकी तिपाई व पुराने बाटों से आज भी तुलाई की जा रही है। किसानों ने खरीद लिमिट व पोर्टल की अनिवार्यता खत्म करने और जे-फॉर्म में वास्तविक खरीद भाव दर्ज करने की मांग उठाई।
कालाबाजारी का आरोप, हाईवे जाम करने की चेतावनी
रतिया में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के बैनर तले किसानों ने मार्केट कमेटी दफ्तर पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप था कि स्थानीय किसानों की धान नहीं खरीदी जा रही, जबकि व्यापारी बाहर से 1900 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान लाकर खपा रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय किसानों की खरीद सुनिश्चित नहीं हुई तो दो दिन बाद भाजपा जिला कार्यालय के सामने सरकार का पुतला फूंका जाएगा और नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। मार्केट कमेटी सचिव ओमप्रकाश चहल ने कहा कि वे मंडियों का निरीक्षण कर रहे थे और खरीद नियमानुसार जारी है।
5 मंडियों में प्रदर्शन, बारिश से भीग रही फसल
यमुनानगर जिले के रादौर, जगाधरी, बिलासपुर, साढौरा और छछरौली में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर धरना दिया। भाकियू (टिकैत) नेता हरपाल सुढैल ने कहा कि नमी की कड़ी शर्तों, गेट पास और पोर्टल वेरिफिकेशन की तकनीकी खामियों के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बेमौसम बारिश के कारण खुले में पड़ी धान की फसल भीगने से भारी नुकसान की आशंका जताई गई। किसानों ने धान का भाव 3100 और गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी।
एमएसपी खरीद की मांग को लेकर धरना
भिवानी की नई अनाज मंडी में भी किसानों ने एमएसपी पर फसल न खरीदे जाने के खिलाफ धरना दिया। किसानों ने कहा कि समय पर खरीद न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर, मार्केट कमेटी सुपरवाइजर योगेश कुमार ने दावा किया कि मंडी में खरीद समय पर सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को कोई असुविधा नहीं है।