भट्टूकलां। खाद की किल्लत और वितरण में देरी से परेशान किसानों ने सोमवार को फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया। भट्टूमंडी सहकारी सोसायटी में 1350 बैग डीएपी पहुंचने के बावजूद पोर्टल नहीं चलने से चार दिन से वितरण नहीं हो सका था। जाम से दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई।
किसान सड़क पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता रोहताश डूडी ने की और संचालन सुभाष चंद्र भादू ने किया। जिला अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि किसान बिजाई के लिए खाद की एक-एक बोरी के लिए परेशान हैं। उन्होंने खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की।
भट्टूमंडी सोसायटी में शुक्रवार को 1350 बैग डीएपी पहुंची थी। शनिवार को पोर्टल नहीं चलने से किसानों को पूरे दिन इंतजार के बाद खाली लौटना पड़ा। रविवार को अवकाश होने से वितरण नहीं हुआ। सोमवार सुबह किसान फिर सोसायटी के बाहर लाइन में लग गए। साढ़े 10 बजे तक पोर्टल नहीं खुला तो किसानों ने चौपटा रोड पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शन में मनीष सिवाच, मास्टर हनुमान सिंह, वजीर सिंह, सतीश कुमार, अजय सिंह माचरा, मनोहर लाल, रणजीत सिंह शर्मा, किशोरी लाल, जतिन, मुकेश और अशोक साईं सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
थाने में किसानों की लाइन लगा सूची की तैयार
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार हरीश कुमार, थाना प्रभारी वीर सिंह और खंड कृषि विकास अधिकारी महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने इफको केंद्र पर पहुंची एक हजार बैग डीएपी वितरित करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। पुलिस स्टेशन में किसानों की लाइन लगाकर सूची तैयार की गई और सूची के अनुसार इफको केंद्र से खाद का वितरण शुरू किया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि खाद की किल्लत दूर नहीं हुई और खरीद प्रक्रिया की कड़ी शर्तें वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
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किसानों ने ज्ञापन सौंप ये मांगें भी रखीं
किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। किसान सभा ने भट्टूकलां और फतेहाबाद क्षेत्र की मंडियों व सोसायटियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाने और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही फसल पंजीकरण और सैटेलाइट सर्वे के मिलान जैसी शर्तें खत्म करने तथा पूरी पैदावार एमएसपी पर खरीदने की मांग रखी। ज्ञापन में धान में नमी की सीमा 20 प्रतिशत करने, नमी के नाम पर कटौती रोकने, भिवानी और फतेहाबाद के भट्टू समेत सूखा प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों ने किसी भी नजदीकी मंडी में फसल बेचने की स्वतंत्रता और बाजरे की तय एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
भट्टूकलां थाने में डीएपी खाद के लिए लाइन में लगे किसान। स्त्रोत : संवाद