भूना में सड़क पर विरोध प्रदर्शन करते लोग।
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बदमाशों के हमले में चाकू लगने से घायल हुए मुकेश की मौत के बाद भूना शहर के लोगों में गुंडागर्दी के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश बन गया है। हमलावर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह पूरा शहर सड़क पर उतर आया। शहरवासियों व परिजनों ने मुकेश के शव को सड़क पर रखकर सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। सब्जी मंडी भी पूर्णतया बंद रही।
मुकेश प्रजापति के शव का गुरुवार को हिसार के सिविल अस्पताल में देर शाम को पोस्टमार्टम हुआ। शाम पौने सात बजे परिजन शव को एंबुलेंस के जरिये सीएचसी केंद्र भूना में लेकर पहुंचे और पूरी रात वहीं रखा। परिजनों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को प्रशासनिक अधिकारी पूरा नहीं करेंगे तब तक मुकेश के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख मुआवजे की मांग
ऑल हरियाणा शेड्यूल कास्ट इंप्लाइज फेडरेशन के पूर्व राज्य उपप्रधान सुखदेव सिंह भुक्कल, बैकवर्ड नेता भीम सिंह झींझर व कुलदीप बौद्ध ने बताया कि चंदन नगर में एक बीड़ी के बंडल को लेकर रविवार 11 दिसंबर की रात को असामाजिक तत्वों ने दुकानदार गरीबदास के परिवार के छह घरों पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया था। हमलावर बदमाशों ने 8 लोगों को गंभीर रूप से चोटिल कर दिया था, जिनमें 2 लोगों मुकेश प्रजापति व उसके चाचा रमेश कुमार को चाकू मारे गए थे।
चाकू लगने से घायल हुए मुकेश की गुरुवार सुबह मौत हो गई। मुकेश गरीबदास का मझला बेटा था और केले की रेहड़ी लगाकर परिवार पाल रहा था। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सैकड़ों लोग मुकेश प्रजापति का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी को आंगनबाड़ी या अन्य विभाग में सरकारी नौकरी देने, मृतक के परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद करने, पुलिस सुरक्षा देने, हमलावर 40 बदमाशों को तुरंत गिरफ्तार करने व पीड़ित परिवार के दो सदस्यों का शस्त्र लाइसेंस बनाने और घटना के दौरान मौके पर मौजूद लापरवाह पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज करने की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की गई है।