फतेहाबाद के गांव भोडियाखेड़ा में गेहूं की फसल।
फतेहाबाद। दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में सर्दी ने पूरा जोर पकड़ लिया है। रात व दिन के तापमान में लगातार कमी आ रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ी है। वहीं फसलों व सब्जियों के लिए यह मौसम काफी अनुकूल बना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो गेहूं व सरसों की फसल के लिए यह मौसम काफी लाभदायक है। सुबह कोहरा भी छा रहा है और ओस भी पड़ रही है, जो फसलों की वृद्धि के लिए उत्तम बताई जा रही है।
जिले में सर्दी के मौसम में रात के बजाय अब दिन में भी तापमान में कमी दर्ज की जा रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। बाजारों में भी रात के समय ग्राहक कम दिखाई दे रहे हैं। लोग अपना काम जल्द निपटाकर घर जाने के प्रयासों में लगे रहते हैं। फतेहाबाद में दिन का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस आंका गया, वहीं रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग की मानें तो 13 दिसंबर को एक ओर पश्चिमी विक्षोभ के चलते रात को बादलवाही होगी, जिससे तापमान और कम होगा। वहीं पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर भी पड़ रहा है। साथ ही ठंडी हवाएं चलने से दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा है। धूप निकलने पर लोग घरों व प्रतिष्ठानों के बाहर धूप सेंकते नजर आए।
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो यह मौसम सभी प्रकार की फसलों व सब्जियों के लिए काफी राहत भरा है। गेहूं व सरसों की फसल के लिए यह मौसम काफी अच्छा है। गेहूं की पौध जल्द वृद्धि करेगी और पैदावार भी अच्छी होगी। फिलहाल गेहूं को 6 से 20 डिग्री तक का तापमान चाहिए। दिन में धूप रहती है और रात को तापमान कम रहता है और सुबह ओस भी बढ़ रही है, जो गेहूं की बढ़वार के लिए काफी फायदेमंद है। अगर तापमान जीरो डिग्री पर आता है और पाला गिरता है तो गेहूं की पौध की कोशिकाओं से पानी निकलना आरंभ हो जाएगा, इससे गेहूं को नुकसान हो सकता है। बहरहाल मौसम गेहूं व सरसों की फसल के लिए काफी ठीक है।
मौसम पूरी तरह से फसलों के लिए अनुकूल बना हुआ है। गेहूं की फसल को ऐसा ही तापमान चाहिए, ताकि उसकी पौध की बढ़त हो। वहीं अगर तापमान और अधिक लुढ़कता है तो सरसाें की फसल को नुकसान हो सकता है। फिलहाल जो मौसम चल रहा है, वह दोनों फसलों के लिए लाभकारी है।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।