फतेहाबाद। टैक्स चोरी करने के लिए सिरसा के ऐलनाबाद निवासी पुनीत ने गांव बड़ोपल में ही नहीं बल्कि दिल्ली में भी फर्जी फर्म बना रखी थी। यहां भी फर्जी फर्म बनाने के लिए आधार कार्ड में खुद का नाम बदला गया था। सिरसा के ऐलनाबाद निवासी पुनीत ने आधार कार्ड में खुद को दिल्ली निवासी मुकेश बनाकर फर्जी फर्म बनाई और फिर दिल्ली के संदीप गुप्ता के साथ मिलकर बोगस मिल काटे। इसका खुलासा पुनीत ने पांच दिन के रिमांड के दौरान किया है। एसआईटी पकड़े गए आरोपी पुनीत से पूछताछ कर रही थी। रिमांड खत्म होने के बाद पुनीत को कोर्ट में पेश किया यहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
रिमांड के दौरान ये भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली में जो फर्जी फर्म एकेएस के नाम से बनाई गई उसका बैंक खाता भी हांसी के विजया बैंक में खोला गया। बैंक में लेन-देन का काम दिल्ली निवासी संदीप गुप्ता संभाल रहा है। संदीप ने ही उसके आधार कार्ड में नाम व पता बदलवाया था।
फ्रॉड न पकड़ सके इसलिए इस्तेमाल कर रहे दो-दो आधार कार्ड
पूछताछ में आरोपी पुनीत ने बताया कि फ्रॉड को पकड़ न सके इसलिए दो-दो आधार कार्ड को इस्तेमाल कर रहे थे। एक आधार कार्ड में ऐलनाबाद निवासी पुनीत और दूसरे आधार कार्ड में दिल्ली निवासी मुकेश बन रखे थे ताकि कोई पहचान न सके।
बड़ोपल की फर्जी फर्म में काटे गए 14.50 करोड़ के फर्जी बिल
सदर थाना में 18 दिसंबर को आईजी कार्यालय के हेड कांस्टेबल अभय सिंह की शिकायत पर सदर थाना में दिल्ली के रोहिणी निवासी मुकेश और सिरसा के ऐलनाबाद निवासी पुनीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में बताया था कि गांव बड़ोपल में सवेरा इंटरप्राइजिज के नाम से फर्म नकली कागज देकर बनाई है और बिल काट रही है। इस फर्म के विजय बैंक हांसी से खाता की डिटेल ली गई तो जिस जगह पर फर्म रजिस्टर्ड दिखा रखी थी वहां पर कोई फर्म नहीं मिली। इसके अलावा फर्म में प्रोपराइटर दिल्ली निवासी मुकेश को दिखा रखा है और बैंक के केवाईसी में सिरसा निवासी पुनीत जैन का फोटो मिला। एसआईटी ने आरोपी पुनीत को 18 जनवरी को पकड़कर कोर्ट से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था।
वर्जन
आरोपी पुनीत को कोर्ट में पेश किया यहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बैंक और विभाग से रिकार्ड लिया जा रहा है। इसमें जो भी आरोपी शामिल है, उसे जल्द काबू कर लिया जाएगा।
- प्रहलाद सिंह, जांच अधिकारी, एसआईटी।