जाखल। धान सीजन शुरू होने से पहले जाखल अनाज मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर कच्चा आढ़ती एसोसिएशन ने प्रशासन से खरीद केंद्र बढ़ाने की मांग की है। आढ़तियों ने उपायुक्त डॉ. विवेक भारती को मांग पत्र सौंपकर किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग रखी।
एसोसिएशन प्रधान किरण शर्मा के नेतृत्व में आढ़तियों ने मंडी में पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने किसानों के पंजीकरण में आ रही दिक्कतें दूर करने और सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग भी रखी।
आढ़तियों ने बताया कि जाखल अनाज मंडी हरियाणा की पुरानी मंडियों में शामिल है। धान सीजन में यहां रोजाना करीब सात लाख क्विंटल धान पहुंचता है। मंडी में जगह कम होने से किसानों को फसल से भरी ट्रॉलियां खाली कराने के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इससे किसानों को परेशानी होती है।
एसोसिएशन ने मंडी के आसपास आढ़तियों के निजी प्लॉटों को खरीद केंद्र के रूप में मंजूरी देने की मांग की। आढ़तियों ने बताया कि इन प्लॉटों में पानी, शौचालय, बिजली और कांटे की सुविधा उपलब्ध है। पिछले वर्ष भी इन स्थानों पर धान की खरीद हुई थी।
आढ़तियों ने किसानों के लिए धान उतारने की अलग व्यवस्था करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इससे मंडी में फसल की आवक बढ़ने पर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसानों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
दो दिन के लिए खोला जाए पंजीकरण पोर्टल
आढ़तियों ने बताया कि सर्वर डाउन और अन्य तकनीकी कारणों से कई किसान मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। एसोसिएशन के मुताबिक करीब 20 किसान इससे प्रभावित हैं। ऐसे में पोर्टल को कम से कम दो दिन के लिए दोबारा खोलने की मांग की गई है, ताकि कोई किसान फसल बेचने से वंचित न रहे।
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गेट पास और खरीद सीमा बढ़ाने की मांग
एसोसिएशन ने मंडी में चौकीदार, सफाई, पेयजल और बिजली की व्यवस्था जल्द पूरी कराने के साथ अधूरे रास्तों का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित रोड पर गेट पास काटने की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। आढ़तियों ने किसानों की खरीद सीमा 28 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 36 क्विंटल करने की मांग भी रखी। इसके अलावा खरीद केंद्रों के लाइसेंस रिन्यू करने और पिछले वर्ष की बकाया आढ़त राशि का भुगतान करने की मांग की गई है। मांग पत्र की प्रतियां एसडीएम टोहाना, जाखल मार्केट कमेटी सचिव और डीएफएससी फतेहाबाद को भी भेजी गई हैं।