फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना को शुरू हुए चार साल पूरे हो गए हैं। योजना के इन चार सालों बाद भी करीब 20 हजार परिवारों के 1.77 लाख लोग आयुष्मान भारत योजना से नहीं जुड़ पाए है। वर्ष 2011 के सर्वे के मुताबिक आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को ही इस योजना से जोड़ा जाना है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग धरातल पर योजना को सिरे न चढ़ाकर पात्र सदस्यों को ढूंढकर योजना से नहीं जोड़ पाया है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 63554 परिवारों को योजना से जोड़ा जाना है। इसमें 307809 सदस्य है। लेकिन अब तक 43716 परिवार है जिन्हें योजना से जोड़कर कार्ड बनाए गए हैं। इसमें 13,0325 सदस्य शामिल हैं। अहम बात यह है कि कार्ड बनने पर ही संबंधित पात्र पैनल में शामिल अस्पताल में उपचार ले सकता है। पात्र का अस्पताल में पांच लाख रुपये तक का उपचार निशुल्क होता है।
योजना में ये अस्पताल हैं शामिल
पारूल ईएनटी टोहाना
राजन आई अस्पताल टोहाना
आरएमसी टोहाना
जनता आई सेंटर टोहाना
अरोड़ा आर्थो अस्पताल टोहाना
सद्भावना अस्पताल फतेहाबाद
वधवा अस्पताल फतेहाबाद
पूनम आई क्यू अस्पताल फतेहाबाद
जयपुर बच्चों का अस्पताल फतेहाबाद
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद
उप नागरिक अस्पताल टोहाना
उप नागरिक अस्पताल रतिया
सीएचसी भट्टूकलां
सीएचसी भूना
सीएचसी जाखल
जिले के 10320 लोगों के उपचार पर खर्च कर दिए 10 करोड़ रुपये
योजना के तहत पात्र को व उसके परिवार के सदस्य को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष बीमा दिया जाता है। इस योजना में बीमारियों के उपचार के लिए 2200 पैकेज है। अब तक जिले में 10320 पात्र लोग फायदा ले चुके है। इसमें 917 लोगों द्वारा सरकारी अस्पतालों व 9403 लोगों द्वारा निजी अस्पतालों में उपचार लिया है। इनके उपचार पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है।
कोट
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 10320 पात्र उपचार करवा चुके हैं। इन पर 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। आयुष्मान भारत योजना के प्रति पात्र लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वह लाभ ले सकें। पात्र लोग केंद्र पर जाकर कार्ड बनवा लें ताकि पैनल में उप चार लेते समय दिक्कत न आ सकें।
-डॉ. कुलदीप गौरी, उप सिविल सर्जन