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Fatehabad News: सत्र के 15 दिन बीते पर स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें, पुरानी से चला रहे काम

Tue, 15 Apr 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव अहरवां के प्राइमरी स्कूल में नई किताबों के साथ पढ़ते हुए विद्यार्थीसंवाद
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फतेहाबाद। शिक्षा का सत्र शुरू हुए 15 दिन बीत चुके है। सरकार ने दावा किया था कि 15 अप्रैल तक किताबें सरकारी स्कूलों में पहुंच जाएंगी। लेकिन हकीकत ये है कि प्राथमिक स्कूलों में तो किताबें पहुंच गई हैं लेकिन माध्यमिक (मिडिल) स्कूलों में अभी तक किताबें नहीं आई हैं।
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जिले में ही किताबों का स्टॉक नहीं पहुंचा है। ऐसे में माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों को पुरानी किताबें से ही काम चलाना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें सत्र शुरू होने के 15 दिन बाद तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। वहीं प्राथमिक स्कूलों में किताबें तो पहुंची लेकिन आवंटित करने में लापरवाही बरती गई है।

इस बार पहली से तीसरी कक्षा तक की किताबों में फेरबदल किया गया है। इन कक्षाओं में किताबों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले जहां तीन-तीन किताबें मिलती थी वहीं अब इनकी संख्या पांच कर दी गई है। लेकिन कई स्कूल ऐसे है जहां पर किताब का एक भाग की दो किताबें भेज दी थी और दूसरा भाग भेजा ही नहीं गया।
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केस नंबर एक

पुरानी किताबों से चला रहे हैं काम

गांव हड़ोली के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिली है। हालांकि स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थियों को पुरानी किताबें उपलब्ध करवाई है। विद्यार्थी फिलहाल इन किताबों से काम चला रहे हैं।

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केस नंबर दो

किताबें पहुंचीं लेकिन कमियां मिली

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय फतेहाबाद के पास बने राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में किताबें पहुंच चुकी हैं और बाइडिंग करवाने के लिए दी गई है। शिक्षकों ने बताया कि कक्षा तीसरी की हिंदी विषय की किताब में भाग दो भेज दिया है लेकिन भाग एक अभी तक नहीं दिया गया है।

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किताबें पहुंचीं, स्कूल प्रबंधन बाइंडिंग करवाकर देगा

गांव अहरवां के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए किताबें पहुंच चुकी हैं। स्कूल मुखिया देवेंद्र सिंह दहिया ने बताया कि किताबों को विद्यार्थियों को बाइंडिंग करवाने के बाद दिया जाएगा। इस बार कक्षा पहली से तीसरी की किताबों में फेरबदल किया गया है। कक्षा पहली में हिंदी विषय में झिलमिल की जगह रागिनी, मैथ में गणित मैजिक की जगह मजे-मजे में गणित को शामिल किया गया है।

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जिले के स्कूलों में पिछले साल विद्यार्थियों की संख्या

कक्षा विद्यार्थी

बालवाटिका 3001

पहली 3816

दूसरी 6611

तीसरी 9133

चौथी 9220

पांचवीं 9453

छठी 9797

सातवीं 10533

आठवीं 10289

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कक्षा पहली से आठवीं के विद्यार्थियों को दी जाती हैं किताबें

शिक्षा विभाग की तरफ से कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें निशुल्क दी जाती है। विभाग की तरफ से दावा किया गया था कि सत्र शुरू होने से विद्यार्थियों को किताबें मिलेंगी लेकिन 10 दिन बाद अभी तक सिर्फ प्राइमरी के विद्यार्थियों को ही किताबें मिली हैं। मिडिल कक्षा के लिए अभी तक स्टॉक ही नहीं आया है।

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कक्षा पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों को किताबें मिल चुकी हैं। कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी जल्द किताबें मिल जाएंगी। किसी विद्यार्थी को समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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- निहाल सिंह, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग
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