फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में चर्चा करते कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी
फतेहाबाद। सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी कंपनियों में तैनात कर्मचारियों व उनके परिवार को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए वेतन में से ईएसआई के नाम पर तय राशि काटी जा रही है। लेकिन फतेहाबाद जिले के 17 हजार कर्मचारियों और उनके परिवार स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में डिस्पेंसरी तक नहीं है।
नियम अनुसार 10 किलोमीटर के दायरे में कर्मचारी को लाभ देना जरूरी है। लेकिन हकीकत ये है कि ईएसआई अस्पताल में उपचार या फिर रेफर करवाने के लिए 50 किलोमीटर दूर हिसार जाना पड़ रहा है। जिले के टोहाना में तीन दिन के लिए सिर्फ मोबाइल डिस्पेंसरी चलाई जा रही है। जिला मुख्यालय में ईएसआई डिस्पेंसरी के लिए सेंटर 9 में जगह अलॉट की गई लेकिन इससे आगे फाइल नहीं बढ़ी। सरकार द्वारा बजट में दो साल पहले भूना में डिस्पेंसरी खोलने की घोषणा हुई लेकिन यहां भी ये सिरे नहीं चढ़ी। संवाद
पैनल में निजी अस्पताल, इलाज करवाने से पहने खाने पड़ते हैं धक्के
जिले में सरकारी महकमे में या फिर अर्द्धसरकारी हो या फिर निजी कंपनी में कर्मचारी काम कर रहा है तो उसके वेतन में से ईएसआईसी के नाम पर राशि काट ली जाती है। जिले में करीब 17 हजार ऐसे कर्मचारी हैं। कर्मचारियों समेत 68 हजार लोगों को सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। अगर ईएसआई के नाम पर उपचार करवाना है तो पहले हिसार जाना पड़ता है। यहां से रेफर करवाने के लिए दो दिनों तक धक्केे खाने पड़ते हैं। रेफर लिखवाने के बाद पैनल अस्पताल में इलाज होता है। फतेहाबाद जिला मुख्यालय में दो निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं।
जिला मुख्यालय में 0.53 एकड़ जगह हुई अलॉट
ईएसआई क्लीनिक के लिए जिला मुख्यालय में हुडा सेक्टर 9 में 0.53 एकड़ जगह जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा अलॉट हो चुकी है। ये जगह करीब दो साल पहले अलॉट की गई थी। लेकिन जगह अलॉट होने के बाद भी ईएसआईसी और ईएसआईएस द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
कोट
ईएसआई डिस्पेंसरी को लेकर अगर कर्मचारी एसोसिएशन प्रस्ताव देगी तो जरूर विचार किया जाएगा। अगर यहां जगह अलॉट हो चुकी है तो पंचकूला मुख्यालय में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा।
-एजेएम मुरलीधर, रिजनल डायरेक्टर फरीदाबाद