फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: हिंदी माध्यम स्कूलों में भेजे अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र तो कहीं पड़ गए कम

Mon, 13 Mar 2023 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग की तरफ से सोमवार से कक्षा चौथी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। परीक्षा के पहले दिन ही प्रश्न पत्रों को लेकर शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। इसका खमियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा, जो कि प्रश्न पत्र मिलने का इंतजार करते रहे।
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्रश्न पत्र कम भेज दिए। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक प्रश्न पत्र जारी नहीं किए गए। यहां तक प्राइमरी स्कूलों में जहां अंग्रेजी माध्यम था वहां हिंदी और हिंदी की जगह अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र भेज दिए। प्रश्न पत्र गलत आने के चलते स्कूल इंचार्ज ने दूसरे स्कूलों से व्यवस्था की, इसके बाद अपने स्तर पर प्रश्न पत्रों की फोटोस्टेट करवाकर परीक्षा ली गई। इसके चलते करीब दो घंटे देरी से परीक्षाएं शुरू हुई। गांव अहरवां के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला के इंचार्ज बंसीलाल ने बताया कि उनके स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक प्रश्न पत्र नहीं आए, इसके चलते उन्हें अपने स्तर पर फोटोस्टेट करवाकर परीक्षा ली गई। गांव दमकौरा के मॉडल संस्कृति स्कूल के शिक्षक योगेंद्र वर्मा ने बताया कि उनके स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की जगह हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्र भेज दिए गए।

जिले में विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थियों की संख्या
चौथी 10152
पांचवीं 10642
छठी 11015
सातवीं 10691
आठवीं 9894

परीक्षा के पहले दिन ही प्रश्न पत्रों को लेकर विभाग की लापरवाही रही है। किसी स्कूल में कम प्रश्न पत्र भेजे गए तो कहीं माध्यम गलत भेजा गया है। इस कारण से स्कूल इंचार्ज को परेशानी उठानी पड़ी है। फोटोस्टेट के लिए विभाग की तरफ से कोई खर्चा उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया है।
विज्ञापन

- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ

कक्षा चौथी से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू हो गई है। कई स्कूलों से शिकायतें आई है कि प्रश्न पत्र कम मिले है। पहले पांच-पांच प्रश्न पत्र फालतू दिए जाते थे लेकिन इस बार कम आए है। जिन स्कूलों से शिकायत आई है उनका समाधान करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन

- वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें