फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: जिले के सबसे बड़े गांव गोरखपुर में रोजगार चुनावी मुद्दा

Tue, 14 May 2024 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
गांव गोरखपुर के खाती चौक में ताश खेलते हुए चुनावी चर्चा करते ग्रामीण।
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले के सबसे बड़े गांव गोरखपुर के मतदाता लोकसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इस बार मतदाता रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा मुद्दा मान रहे हैं।
विज्ञापन

इस गांव में हरियाणा अणु विद्युत परियोजना के तहत परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माणाधीन है। इस संयंत्र के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय यह दावा किया गया था कि जमीन देने वाले परिवारों के युवाओं को संयंंत्र में नौकरी दी जाएगी लेकिन दस साल बाद भी युवाओं को नौकरी नहीं मिल सकी। इस मुद्दे को ग्रामीण प्रमुखता से उठा रहे हैं। 15,000 से अधिक आबादी और 10,000 से ज्यादा मतदाता वाले इस गांव में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर बना उप स्वास्थ्य केंद्र नाकाफी है। ग्रामीण 100 बेड का अस्पताल बनवाने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

लड़कों के स्कूल में विज्ञान संकाय नहीं
ग्रामीण बताते हैं कि गांव में लड़कों के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में और सुधार की जरूरत है। इस स्कूल में स्टाफ की कमी है। विज्ञान संकाय का विकल्प उपलब्ध नहीं है। नॉन-मेडिकल और मेडिकल की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को दूसरे गांवों, भूना या हिसार शहर की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि इस बड़े गांव के स्कूल में सभी सुविधाओं की पूर्ति होनी चाहिए।
विज्ञापन


बिजली के कट ज्यादा लग रहे, पानी निकासी की भी समस्या
खाती चौक में ताश की बाजी लगा रहे बुजुर्गों ने चुनावी माहौल पर चर्चा करते हुए कहा कि अभी मतदाता मन बना रहे हैं। इंडिया गठबंधन प्रत्याशी कुमारी सैलजा और भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर में ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। पिछले 10 साल में परमाणु संयंत्र से युवाओं को मिलने वाली नौकरी पर कोई चर्चा ही नहीं की गई जबकि केंद्र और प्रदेश में एक ही पार्टी की सरकार थी। चुनाव के समय ही नेताओं को गांव याद आता है। गर्मी के साथ बिजली कट भी बढ़ गए हैं। गांव में पानी निकासी की भी समस्या है।

हमारा गांव गोरखपुर आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से काफी बड़ा है। इस लिहाज से यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की बहुत कमी है। उप स्वास्थ्य केंद्र से काम नहीं चल रहा है। यहां 100 बेड का अस्पताल बनाने की जरूरत है। - चंदाराम।

परमाणु संयंत्र के लिए जमीन लेने के समय कहा गया था कि गांव के युवाओं को नौकरी मिलेगी लेकिन दस साल से युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। यह केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच मामला फंसा हुआ है। - वजीर सिंह।

परमाणु संयंत्र में युवाओं को नौकरी देने के लिए केंद्र और प्रदेश की दोनों सरकारों की ओर से मामला एक-दूसरे पर डाला जा रहा है। यह तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि कौन नौकरी देगा। इससे युवाओं और ग्रामीणों में बड़ी निराशा है। - रमेश नैन।

हमारा गांव गोरखपुर राजनीतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस गांव में बाबा गोरखनाथ की बड़ी मान्यता है। सभी ग्रामीण लोकसभा चुनाव को लेकर अपना मन बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि विकास के मुद्दे पर वोट देंगे। - खुझाना राम।

जब गांव गोरखपुर में परमाणु संयंत्र लगाने की बात आई थी, तो युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी। मगर अब तक युवाओं को नौकरी नहीं दी गई है। यह बेहद गंभीर मुद्दा है, इस पर सरकारों को जवाब देना चाहिए। - अमित कुमार।

गांव गोरखपुर में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं में और बढ़ोतरी की जरूरत है। हमारे गांव में 100 बेड का अस्पताल बनाया जाना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकें। लड़कों के स्कूल में शिक्षकों की कमी भी दूर होनी चाहिए। - नरेंद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें