रतिया में लोगों को तितर-बितर करते हुए पुलिस कर्मचारी।
रतिया। ग्राम पंचायत तामसपुरा के सरपंच को फर्जी डिग्री के मामले में उपायुक्त द्वारा निलंबित कर देने के बाद सोमवार को कार्यवाहक सरपंच चुनने के लिए नागपुर के बीडीपीओ कार्यालय में चुनाव हुए। इस दौरान पंच मेवा सिंह को पंचायत के छह सदस्यों ने बहुमत के आधार पर कार्यवाहक सरपंच चुन लिया। नवनियुक्त सरपंच व दूसरे पक्ष में काफी कहासुनी भी हुई और दोनों पक्षों के लोगों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद बीडीपीओ द्वारा पुलिस बल बुलाया गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को तितर-बितर किया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत तामसपुरा के सरपंच तरसेम सिंह को उपायुक्त द्वारा फर्जी डिग्री के मामले में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद बहुमत वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने के आदेश दिए गए। मगर निलंबित सरपंच ने उपायुक्त के फैसले के विरोध में हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी थी। हाईकोर्ट में 14 मई को सुनवाई होनी थी। इसी बीच डीसी के निर्देशों पर कार्यवाहक सरपंच चुने जाने के लिए पहले भी कई बार बीडीपीओ द्वारा पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उसमें कार्यवाहक सरपंच नहीं चुना जा सका था। सोमवार को फिर बैठक बुलाई गई। 11 में से 6 पंचायत सदस्य बैठक में पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग भी कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। पंचायत सदस्यों ने मेवा सिंह को कार्यवाहक सरपंच चुन लिया। इसके बाद शोर शराबा काफी बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे से हाथापाई करने लगे। बीडीपीओ विकास लांगयान ने सूचना एसपी को दी। एसपी ने डीएसपी कुलवंत सिंह व थाना अध्यक्ष ओम प्रकाश और जय सिंह को मौके पर भेजा। काफी संख्या में आए पुलिस बल ने हंगामा कर रहे लोगों को तितर-बितर किया।
बीडीपीओ विकास ने बताया कि 6 पंचों ने मेवा सिंह को बहुमत से कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया है। सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सरपंच पद के चुनाव को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौके पर मौजूद था। कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।