फतेहाबाद। मांगे नहीं माने जाने पर रोडवेज के कर्मचारियों ने बुधवार को रोडवेज की बसों का चक्का जाम रखा। रोडवेज कर्मचारी सुबह तीन बजे ही पुराना बस स्टैंड व नए बस स्टैंड पर पहुंच गए और बसों का संचालन बंद करवाया। पुराने बस स्टैंड पर रोडवेज की बसें खड़ी रहीं। रोडवेज निगम ने दावा किया है कि 55 रोडवेज और 100 निजी बसों का संचालन किया गया है, हालांकि बड़े रूटों पर कम बसें चलीं। रोडवेज निगम ने यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए निजी बसों का संचालन करवाया। वहीं जाखल में रोडवेज के 18 फेरों में से सिर्फ 4 फेरों पर ही बसें चलीं, जिस कारण यात्री काफी परेशान रहे।
फतेहाबाद रोडवेज के बेडे में इस समय 198 बसें हैं। बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों को लेकर चक्का जाम की घोषणा की थी। सुबह 3 बजे ही रोडवेज यूनियन के नेता पुराना बस स्टैंड पर पहुंच गए और यहां पर धरना देकर बसों का संचालन बंद करवा दिया। रोडवेज की 48 बसें ऐसी थी, तो रात्रिकालीन शिफ्ट में चल रही थी, वह भी फतेहाबाद आकर रुक गईं। रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह आते ही बसों का संचालन बंद करवा दिया। सुबह हालांकि ठंड की वजह से यात्रियाें की भीड़ काफी कम थी, लेकिन दोपहर को मौसम खुला तो यात्री पहुंचने शुरू हो गए। रोडवेज ने किलोमीटर स्कीम के तहत 23 बसों व रोडवेज की 32 बसाें का संचालन कौशल रोजगार निगम के तहत लगे चालकों से करवाने का दावा किया है। निगम के अनुसार रोडवेज की बसों को दिल्ली, चंडीगढ़, नोहर, भादरा आदि रूटों पर चलाया गया है। इसके अलावा निजी बसें भी दिनभर चलती रही और यह बसें रतिया, टोहाना, जाखल, भूना, हिसार, उकलाना व सिरसा के लिए चलती रही। दोपहर के समय यात्रियों की भीड़ अधिक थी, जिसके चलते यात्रियों को थोड़ी परेशानी हुई। निजी बसों में धुक्का-मुक्की जैसा माहौल रहा।
जाखल संवाददाता के अनुसार, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा द्वारा बुधवार को सांकेतिक हड़ताल के तहत चक्का जाम करने का असर जाखल में भी देखने को मिला। हड़ताल के चलते 18 फेरों में केवल 4 फेरों पर ही बसों का संचालन हो पाया। जाखल बस स्टैंड से जाखल रतिया वाया जाखल, जाखल फतेहाबाद वाया कुलां-भूना व जाखल टोहाना वाया मूनक, जाखल टोहाना वाया नत्थूवाल व जाखल टोहाना वाया कासिमपुर उदयपुर रूट सहित जाखल बस स्टैंड से 18 फेरे बसों के संचालित होते थे, लेकिन हड़ताल के चलते 3 फेरे जाखल चांदपुरा व एक फेरा जाखल टोहाना की बीच हरियाणा राज्य परिवहन बस का संचालन हुआ। जिसके चलते उपरोक्त रूटों पर बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित रूटों पर बसों का संचालन ना होने से यात्रियों को अपना सफर ट्रेनों व निजी वाहनों में करना पड़ा। रोडवेज बसों का संचालन न होने से ट्रेन से यात्रा करने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे यत्रियों को कोहरे की वजह ट्रेनों के लेट होने से ठिठुरती ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ा ।
मानी गईं मांगें पूरी न होने पर जताया रोष
कर्मचारी रोडवेज यूनियन के शिवकुमार, संदीप जांडली, सूबे सिंह व दीपक बल्हारा ने बताया कि रोडवेज के सांझे मोर्चे को 11 जनवरी, 10 मार्च, 23 जून, 13 दिसंबर 2023 को कर्मचारियों की मांगों समाधान के लिए बैठकों के लिए आमंत्रित किया गया। सांझे मोर्चे ने कर्मचारियों की मांगों समाधान के बारे में तर्क व प्रमाण दिए गए। सरकार ने मांगों को जायज माना और मांगों को लागू करने के परिपत्र जल्द जारी करने का भरोसा दिया। परंतु बार-बार भरोसा देने के बाद भी मानी गई मांगो के परिपत्र आज तक जारी नहीं किए हैं। ऐसे में सांझे मोर्चे को चक्का जाम पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने मांग की कि देय अवकाश कटौती पत्र वापस लिया जाए। परिचालक-चालक की वेतन विसंगति दूर की जाए। 2002 से चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करके पुरानी पेंशन नीति में शामिल किया जाए। 2016 के चालक व 52 दादरी के हेल्परों को पक्का करने की पॉलिसी बनाई जाए। चालक व परिचालकों से 8 घंटे की ड्यूटी ली जाए और 8 घंटे ड्यूटी से अधिक ड्यूटी को ओवरटाइम दिया जाए।
कोट
रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम के चलते रोडवेज निगम की बसों को चलाया गया है। जिले में 55 बसों का संचालन छोटे व बड़े रूटों पर किया गया है। इसके अलावा 100 निजी बसें भी चलाई गईं, जिससे यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं हुई।
-हवासिंह राड़, स्टेशन अधीक्षक, रोडवेज निगम फतेहाबाद।