फतेहाबाद/रतिया/जाखल। घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को जाखल गांव के पास घग्गर नदी का तटबंध टूट गया और पानी जाखल गांव की ओर बढ़ने लगा। गांव कासिमपुर, नड़ैल व कुदनी हेड का संपर्क जाखल व टोहाना से टूट गया है। वहीं देर रात गांव उदयपुर और हिम्मतपुरा में आबादी तक पानी पहुंच गया। रतिया के गांव लांबा के पास घग्गर में 15 फुट का कटाव होने से पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है।
चांदपुरा साइफन पर पानी रात 8 बजे तक 18680 क्यूसेक तक पहुंच गया है और यह खतरे के निशान से महज 3320 क्यूसेक दूर ही रह गया है। डीसी ने रतिया और टोहाना में 23 जुलाई तक 21वीं कक्षा तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की है। जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। पहले पंजाब में तटबंध टूटने से पानी आ रहा था, लेकिन अब फतेहाबाद में भी घग्गर में लीकेज हो गई है। जाखल गांव के पीछे घग्गर के किनारे में सुबह करीब 10 फुट का कटाव आ गया, जिससे पानी बेहद तेजी से जाखल गांव और तलवाड़ा के खेतों में बहना शुरू हो गया।
दोपहर तक पानी जाखल उपतहसील व बीडीपीओ कार्यालय की दीवार तक पहुंच गया। इस बीच गांव तलवाड़ा में किसानों द्वारा बांध बनाने के विरोध में ग्रामीण आमने-सामने हो गए। जलभराव के भय से तलवाड़ा के टिब्बा बस्ती के लोगों ने जाम लगा दिया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। पूर्ण माजरा व हिम्मतपुरा गांव में पानी आबादी तक पहुंच गया है। वहीं जाखल-टोहाना मार्ग के ऊपर से अब पानी बहना शुरू हो चुका है।
पानी तलवाड़ा, कड़ैल, नड़ैल व अन्य गांवों की तरफ चला गया है और आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक आ पहुंचा है। चांदपुरा साइफन पर पानी रात 8 बजे तक 18680 क्यूसेक तक पहुंच गया है।
रंगोई नाले में क्षमता से अधिक पानी का बहाव है। रंगोई नाले की क्षमता छह हजार है, जबकि यहां पर पानी 13 हजार क्यूसेक से अधिक चल रहा है। जोया नाले में भी पानी 16.6 फिट तक पहुंच गया है। ग्रामीणों की मानें तो अगर बहाव इसी प्रकार रहा तो जाखल के साथ-साथ जिले के अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। अब तक पंजाब में टूटे तटबंधों के कारण जाखल गांव, नड़ैल, तलवाड़ा, उदयपुर, कासिमपुर, कुदनी, साधनवास, गिरनो, नत्थूवाल, चिल्लेवाल, हिम्मतपुरा व शक्करपुरा में पानी पहुंच गया है।
रतिया के लांबा में दोपहर तीन बजे घग्गर में आया कटाव
गांव लांबा के पास दोपहर तीन बजे घग्गर का तटबंध टूट गया। जिससे गांव लांबा, कमाना, नथवान, कंवलगढ़ व लाली इत्यादि कई गांव में नीचे स्थानों पर घग्गर का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में चला गया। यहां पर नदी के तटबंध को पाटने का कार्य जारी है। दूसरी तरफ रतिया में घग्गर नदी के पुल के पास एक दो जगह पर कटाव आ जाने के कारण वहां पर प्रशासन द्वारा मिट्टी भी डाली गई है। शुक्रवार सुबह रतिया पुल के पास घग्गर का जलस्तर नौ फुट से 14 फुट पानी पहुंच गया है। जलस्तर सुबह 9 फुट के आसपास आ गया था जबकि शाम को यह जलस्तर 14 फुट के पास पहुंच गया। जिसको देखते पुल पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है और यहां पर ट्रैफिक को वन-वे कर दिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लगातार रेस्क्यू अभियान में लगी हुई हैं।
तलवाड़ा में ग्रामीणों ने लगाया जाम
गांव तलवाड़ा की ओर आते हुए पानी को देखते हुए किसानों ने वहां पर बांध बना दिया। जिसको लेकर तलवाड़ा की टिब्बा बस्ती के लोग सांसत में आ गए। यहां के लोगों का कहना था कि अगर पानी का स्तर बढ़ा तो उनकी बस्ती में पानी आ जाएगा। इसको लेकर उन्होंने गांव में जाखल रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनको आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जाखल के बाद रतिया व टोहाना में स्कूलों की छुट्टियां घोषित
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने जाखल के बाद अब रतिया व टोहाना खंड के 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में 23 जुलाई तक छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि, स्टाफ सदस्यों को स्कूल आना है।
इन तीन गांवों का संपर्क टूटा
जाखल के गांव कासिमपुर, नड़ैल, कुदनी हैड का संपर्क जाखल व टोहाना से टूट गया है। यहां पर घग्गर का पानी उफान पर है। खेत व घग्गर के पानी में समानता नजर आ रही है। उदयपुर व पूर्णमाजरा का संपर्क भी लगभग टूटने की कगार पर है। उदयपुर में लगातार जलभराव हो रहा है। यहां के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मदद नहीं कर रहा। उन्होंने गांव से आने जाने के लिए एक नाव की मांग की है, जो अभी तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो उनका गांव टापू बन जाएगा।
डीसी ने दिए फॉगिंग करवाने के निर्देश
डीसी मनदीप कौर ने घग्गर नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जाखल खंड के गांव पूर्णमाजरा में अधिकारियों को फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि अत्याधिक बारिश और गांवों में जलभराव की स्थिति से जलजनित बीमारियों के बढ़ने का अंदेशा है।
पंजाब से मदद नहीं मिली तो हांडा गांव में जाखल से भेजी एनडीआरएफ टीम
जाखल से कुछ दूरी पर स्थित पंजाब क्षेत्र के गांव हांडा में गर्भवती महिला को पंजाब से कोई मदद नहीं मिली तो उनके परिवार ने फतेहाबाद जिला प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद डीसी मनदीप कौर के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम गांव हांडा गई और गर्भवती महिला को सुरक्षित निकाल कर लाई। गांव पूर्णमाजरा में गर्भवती को शिफ्ट किया गया है। जहां उसे स्वास्थ्य संबंधी व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है।
कोट
वाले क्षेत्रों से रेस्क्यू ऑपरेशन करने की सारी तैयारियां है। जरूरत पड़ी तो समय रहते बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ टीम तैयार है। विषम परिस्थिति में लोग संयम बनाए रखें और एक-दूसरे के साथ सहयोग करें। यह समय हमारी परीक्षा का है। प्रशासन लोगों की मदद के लिए हर समय तैयार है। सभी अधिकारियों समेत प्रशासन की टीम व सामाजिक संगठन फील्ड में कार्य कर रहे हैं।
-मनदीप कौर, उपायुक्त, फतेहाबाद