फतेहाबाद। लोकतंत्र के महापर्व की संजीदगी ने किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ा दी है। चुनाव के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले मजदूरों की कमी के कारण मंडी में उठान का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अनाज मंडी में गेहूं की फसल की सफाई, तौलाई, भराई से लेकर गोदामों में उतरवाई तक का सारा दारोमदार मजदूरों के कंधों पर रहता है। मगर लोकसभा चुनाव के चलते 30 से 40 फीसदी कम मजदूर फतेहाबाद पहुंचे हैं। नतीजतन, मंडी में सारा काम प्रभावित हो रहा है।
इस वजह से इस बार गेहूं का सीजन एक महीने देरी से खत्म होने की संभावना है। सामान्य तौर पर 15 मई तक सीजन खत्म हो जाता है। इस बार 30 मई तक उठान कार्य पूरा होगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 80 फीसदी गेहूं की फसल मंडियों में आ चुका है। मगर उठान इसके मुकाबले 51 फीसदी ही हुआ है। हालत ऐसी है कि अनाज मंडी में ट्रक लोड होने के बाद उसे गोदाम में खाली करवाने में दो-दो दिन का समय लग रहा है। मजदूरों की कमी के चलते खरीद एजेंसियों से लेकर उठान ठेकेदार तक के पास कोई अन्य विकल्प नहीं है।
हालात ये है कि जिले की मंडियों व खरीद केंद्रों पर अभी तक जिले में 4928460 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से उठान 2562580 क्विंटल ही हुआ है। अभी भी 30 फीसदी से ज्यादा गेहूं मंडियों व खरीद केंद्रों पर पड़ा है। इसमें से 25 फीसदी से ज्यादा गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। वहीं, 25 हजार से अधिक किसानों को गेहूं बेचने पर 542.66 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। संवाद
गाड़ियां तो बढ़ गई, लेकिन पर्याप्त नहीं मजदूर
अनाज मंडी के व्यापारी जगदीश कुमार, रामनिवास शर्मा, सुरेश कुमार, दलीप सिंह, बंसीलाल, राजेंद्र कुमार बताते हैं कि जिले में हर साल उत्तर प्रदेश, बिहार और कुछ मध्य प्रदेश से मजदूर आते हैं। मगर इस साल लोकसभा के चुनाव के चलते पिछले वर्षों की तुलना में कम मजदूर पहुंचे हैं। इसके चलते व्यापारियों और उठान ठेकेदाराें के पास मजदूरों की कमी है। पहले खरीद एजेंसियों के पास उठान के लिए गाड़ियों की कमी थी। मगर अब एजेंसियों ने गाड़ियों की संख्या तो बढ़ा दी है, लेकिन गेहूं लोड करने और गोदामों में अनलोड करने के लिए पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं है।
पूरे दिन में एक ट्रक का लग रहा सिर्फ एक चक्कर
मंडियों से गोदामों तक गेहूं का निर्यात करने वाले ट्रक चालकों बलविंद्र सिंह, जयसिंह, विक्की और प्रवीण कुमार ने बताया कि फतेहाबाद के रतिया बाईपास पर स्थित वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के गोदाम में गाड़ियां खाली करने के लिए केवल चार ही प्वाइंट हैं। इस कारण पूरे दिन में केवल एक ही चक्कर लग पाता है। हालांकि, नई अनाज मंडी से गोदाम की दूरी दो किलोमीटर से भी कम है। मगर गाड़ियां खाली होने में पूरा दिन लग जाता है। इस बार ठेकेदारों ने गाड़ियों को एक महीने के लिए किराये पर लिया है ताकि उठान कार्य पूरा किया जा सके।
कोट
उठान की गति धीमी होने का सबसे बड़ा कारण ही मजदूरों की कमी है। यूपी व बिहार से इस बार लोकसभा चुनाव के चलते मजदूर कम आए हैं। इस कारण गोदामों में ट्रकों को अनलोड करने के लिए पर्याप्त मजदूर ही नहीं है। गेहूं का सीजन इस बार एक महीना और चलने की पूरी संभावना है।
जगदीश भादू, प्रधान, अनाज मंडी व्यापार मंडल, फतेहाबाद
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जिले की मंडियों व खरीद केंद्रों पर अभी तक 4928460 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से 2562580 क्विंटल का उठान हो गया है। उठान कार्य लगातार चल रहा है। किसानों को 542.66 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। जिन किसानों के आई फार्म जनरेट हो चुके हैं, उनमें से 93 फीसदी का भुगतान हो गया है।
विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद