फतेहाबाद। जिले में सैकड़ों बुजुर्ग बुढ़ापा पेंशन लागू करवाने और रुकी पेंशन बहाल कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। पेंशन प्रक्रिया में जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट की मांग आयु सत्यापन के लिए समाज कल्याण विभाग करता है। कई बुजुर्गों के पास पुराने प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, जिससे वे परेशान हैं और कागजात पूरे न होने के कारण पेंशन प्रक्रिया अटकी हुई है।
जिला मुख्यालय में पहुंचे बुजुर्ग नत्थु, रामपाल और बिमला देवी ने बताया कि पुराने समय के जन्म प्रमाण पत्र न होने के कारण पेंशन के लिए आवेदन करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि विभाग में बार-बार जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसके अलावा कई बुजुर्गों की चालू पेंशन भी काट दी गई क्योंकि उनके पोर्टल में फसल बिक्री को उनकी व्यक्तिगत आय मान लिया गया।
उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेची थी, जो उनकी निश्चित आय नहीं है। खेती की आय परिवार की साझा आय मानी जाती है और इसमें लागत भी शामिल होती है, लेकिन पोर्टल इसे सीधे पेंशन पात्रता रद्द करने का आधार बनाया जा रहा है। बुजुर्गों ने प्रशासन से अपील की है कि आय का सही आकलन किया जाए और जन्म प्रमाण पत्र न होने पर वैकल्पिक दस्तावेज स्वीकार किए जाएं, ताकि पेंशन का लाभ समय पर सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुच सके।
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जमीन ठेके पर लेकर खेतीबाड़ी करता हूं। खरीफ सीजन के दौरान एमएसपी पर 4 लाख रुपये की फसल बेची थी, जिससे मेरी बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई है। जिससे मेरी फसल का खर्च मुश्किल से निकल पाया है। वहीं अब बुढ़ापा पेंशन बंद होने से मैं विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हूं। -दर्शन सिहं।
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पति सुभाष चंद्र की परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज है। इसे ठीक करवाने के लिए उन्हें एक डेस्क से दूसरे डेस्क पर भेजा जा रहा है। स्कूल का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
-बिमला देवी।
:: विभाग के कर्मचारी नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं, तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का प्रयास जारी है। समाज कल्याण विभाग में पहुंचने वाले सभी बुजुर्गाें को उचित सलाह दी जा रही है। ताकि उनको बुढ़ापा पेंशन का लाभ मिल सके।
-सत्यवान ढिल्लोड़, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।