रतिया में जानकारी देते हुए मृतक बच्ची के परिजन।
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रतिया। शहर के टोहाना रोड पर निजी अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के लिए उपचाराधीन एक 8 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और वहां पर तोड़फोड़ की। अस्पताल के स्टाफ ने भाग कर अपनी जान बचाई।
सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र भारी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत करवाया। मृतक लड़की के परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने व पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं अस्पताल के संचालक ने भी मृतक के परिजनों के खिलाफ अस्पताल में तोड़फोड़ करने व धमकी देने की शिकायत दर्ज करवाई है। वार्ड 7 निवासी प्रेम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत बताया कि उसकी 8 वर्षीय बेटी नवनीत कौर कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। बेटी को 3 अक्तूबर को टोहाना रोड वार्ड 7 में ही स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। पिता प्रेम सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पताल के संचालक से जब भी बेटी की सेहत के बारे में पूछा जाता तो उन्हें कहा जाता था कि लड़की ठीक है और इलाज के पैसे जमा करवा दो। जिस पर उन्होंने दो से तीन बार में पैसे जमा करवा दिए। शुक्रवार सुबह अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि लड़की की हालत खराब है और आप इसे किसी अन्य अस्पताल में ले जाए और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। जब इसकी सूचना मोहल्ले के लोगों को मिली तो वह काफी संख्या में अस्पताल में पहुंच गए और संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वहां पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। मौके पर मौजूद स्टाफ अपनी जान बचाकर भागा। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो थानाध्यक्ष जगदीश चंद्र भारी संख्या में पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लड़की के परिजन शव लेकर अपने घर चले गए। वहीं सूचना मिलने पर अस्पताल के संचालक आरके सिंह भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मृतक लड़की के परिजनों के खिलाफ तोड़फोड़ करने और धमकी देने की शिकायत पुलिस को दी। डॉक्टर आरके ने कहा कि 8 वर्षीय लड़की को खून की कमी व दस्त के कारण उनके निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। वह लड़की का सही ढंग से इलाज भी कर रहे थे। लड़की को दस्त के साथ ब्लीडिंग भी हो रही थी। उन्होंने शुरू में ही परिजनों को लड़की को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कह दिया था। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने न तो किसी प्रकार के रुपयों की मांग की थी लेकिन फिर भी लड़की के परिजनों ने उनके अस्पताल में तोड़फोड़ की। वहीं इस बारे में सिटी थाना अध्यक्ष जगदीश चंद्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर मृतक लड़की के परिजनों व अस्पताल के संचालक द्वारा शिकायतें दी गई थी लेकिन बाद में दोनों पक्षों में पंचायती समझौता हो गया और दोनों पक्षों ने अपनी शिकायत वापस ले ली है।
रतिया के निजी अस्पताल के टूटे हुए शीशे।- फोटो : Fatehabad
रतिया में निजी अस्पताल में मामले की जानकारी लेते एसएचओ जगदीश चंद्र।- फोटो : Fatehabad
रतिया में अस्पताल में मौजूद पुलिस बल।- फोटो : Fatehabad