फतेहाबाद। जिले के चार शहरों में जमा कचरे के पहाड़ जल्द खत्म होने की उम्मीद है। ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट के बाद नगर परिषद और नगर पालिकाओं ने कचरा निस्तारण के लिए कंपनियों के साथ प्रक्रिया तेज कर दी है।
चारों शहरों में करीब 1.02 लाख टन कचरा जमा है। इसके निस्तारण पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। फतेहाबाद, टोहाना और भूना में टेंडर आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कंपनियों के साथ दरों पर बातचीत चल रही है। फतेहाबाद में 322 रुपये प्रति टन की दर से कचरे का निस्तारण किया जाएगा।
वहीं रतिया में अभी इंतजार करना पड़ सकता है। यहां टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर को लेकर पहले विवाद भी सामने आ चुका है। सीएम फ्लाइंग मामले की जांच कर चुकी है। जिले के शहरों में पिछले तीन से चार साल से कचरा जमा होने के कारण बड़े-बड़े ढेर बन गए हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फतेहाबाद में बीघड़ रोड पर नगर परिषद का कचरा डंपिंग प्वाइंट है। यहां रोजाना 35 से 40 टन कचरा पहुंचता है। निस्तारण नहीं होने से कचरा लगातार जमा हो रहा है। डंपिंग प्वाइंट पर पहले तीन एकड़ जमीन भर गई। इसके बाद साथ लगती दो एकड़ जमीन भी कचरे से भर चुकी है। यही स्थिति जिले के अन्य शहरों में भी बनी हुई है। अब निस्तारण प्रक्रिया आगे बढ़ने से लोगों को गंदगी और कचरे के ढेरों से राहत मिलने की उम्मीद है।
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फतेहाबाद शहर में सबसे ज्यादा कचरा
नगर निकाय की रिपोर्ट के मुताबिक शहर फतेहाबाद में सबसे ज्यादा कचरा है। ड्रोन सर्वे 36 हजार टन कचरा जमा होना पाया गया है लेकिन नगर परिषद ने 41 हजार अनुमान लगाकर 1.99 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। टोहाना में ड्रोन सर्वे मुताबिक 26 हजार टन कचरा जमा है लेकिन यहां पर 31 हजार टन कचरा के हिसाब से 1.75 करोड़, भूना में 6 हजार टन कचरे के हिसाब से निस्तारण के लिए 30 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसी तरह से रतिया में 24 हजार टन कचरा निस्तारण के लिए 1.75 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया था।
भूना में लगना है प्लांट
नगर निकाय भूना में कचरा निस्तारण का प्लांट लगाना चाहता है। वहां पर जिले के पांच शहरों का कचरा एकत्रित होगा और फिर उसका निस्तारण किया जाएगा। ये प्लांट करीब 24 एकड़ में लगना प्रस्तावित है। कचरा निस्तारण के लिए नगर निकाय तीन साल के लिए पहले टेंडर लगा चुका है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 3.62 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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जिले के चार शहरों में कचरे का निस्तारण किया जाना है। टेंडर की प्रक्रिया जारी है। रतिया में भी मंजूरी नहीं मिली है। नियम अनुसार कचरा निस्तारण प्रक्रिया होगी।
- कुमार सौरभ, सिटी टीम इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन