फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत नागरिक अस्पताल में सोमवार से शुरू हुए ऑपरेशन (शल्य चिकित्सा) शिविर के पहले दिन 14 मरीजों के ऑपरेशन किए गए। डॉक्टर कक्ष में मरीजों का ऑपरेशन करते रहे और छत से पानी टपकता रहा।
पानी सोखने के लिए फर्श पर कपड़ा बिछाया हुआ था। हालांकि अस्पताल में नवीनीकरण का कार्य चल रहा है जो कि अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में चिकित्सकों को आधे-अधूरे इंतजामों के साथ ही शिविर में मरीजों के ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ अस्पताल में जरूरी मशीनों की कमी के चलते बड़े और जटिल ऑपरेशन वालों को बुलाया ही नहीं गया।
नागरिक अस्पताल में 17 से 22 नवंबर तक आयुष्मान भारत के तहत सर्जिकल शिविर लगने हैं। शिविर का उद्देश्य योजना के लाभार्थियों को सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाना है। पहले दिन 14 मरीजों को बुलाया गया था और सभी का ऑपरेशन हुआ। इनमें 6 आंखों के, 7 ईएनटी (नाक, कान, गला) और एक बच्चे का जन्म (सिजेरियन) ऑपरेशन शामिल रहा।
अस्पताल में घुटने बदलने जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए सीआरएम मशीन उपलब्ध न होने के कारण किसी ऐसे मरीज को बुलाया ही नहीं गया।
अस्पताल में अभी कई मशीनों की है कमी
शिविर में अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों की टीम आयुष्मान लाभार्थियों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए तत्पर रही, लेकिन आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की की कमी ने उनकी क्षमताओं को सीमित रखा। हड्डी रोग विशेषज्ञों को घुटने बदलने और जटिल फ्रैक्चर के ऑपरेशन के लिए सी-आर्म मशीन की सख्त जरूरत होती है, जो में सर्जरी करने में सहायक होती है। इस मशीन के अभाव में, घुटने बदलने जैसी सर्जरी नागरिक अस्पताल में नहीं हो पा रही है। इस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा, लैप्रोस्कोप मशीन का सामान भी अधूरा होने के कारण दूरबीन वाले
योजना के तहत जिले में हैं पांच लाख पात्र
जिले में आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत करीब 5 लाख 38 हजार लोग पात्र हैं। अब तक 54,658 पात्र इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। सरकार ने इस अवधि में करीब 69 करोड़ 10 लाख रुपये का भुगतान किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई सर्जरी पैकेज को निजी अस्पतालों से हटाकर सरकारी अस्पतालों में ही अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में, आवश्यक उपकरणों की कमी होना लाभार्थियों के लिए चिंता का विषय है।
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:: नागरिक अस्पताल में सर्जिकल शिविर 17 से 22 नवंबर तक चलेगा। इससे लाभार्थी अपना सही से इलाज करवा सकेंगे। लोगों से अपील है वे अस्पताल प्रशासन का सहयोग दें।
-डॉ. बुधराम रंगा, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की टपकती छत। संवाद
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की टपकती छत। संवाद