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Fatehabad News: डीएमसी ने दो पार्कों और एक हरित पट्टी का ठेका रद्द करने के दिए निर्देश

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फतेहाबाद के थाना रोड ​स्थित पार्क में फैली गंदगी संवाद
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फतेहाबाद। शहर के पार्कों और हरित पट्टी को गोद लेने के बाद भी उनका रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। हालात यह हैं कि संस्थाएं नगर परिषद को कई बार शिकायतें भेज चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। इस गड़बड़ी के बाद जिला नगर आयुक्त अनुराग ढालिया ने शहर के दो पार्कों और एक हरित पट्टी के वर्क ऑर्डर को रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं।
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नगर आयुक्त ने यह निर्देश कन्हैया पार्क, भूना रोड पर स्थित फाइव एकड़ के सामने बनी हरित पट्टी और थाना रोड पर स्थित शहीद उद्यम सिंह पार्क के निरीक्षण के बाद दिए। निरीक्षण में पाया गया कि इन पार्कों का रखरखाव सही नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर चहारदीवारी टूटी हुई थी और पार्कों में कचरे के ढेर भी मिले।

इसके अलावा, झाड़ू नहीं लगाई जा रही थी और पानी की बर्बादी भी हो रही थी। पार्कों में घास और झाड़ियां बढ़ गई थीं, जिससे इन का हाल बुरा हो गया था। डीएमसी ने नगर परिषद ईओ को भेजे पत्र में बताया कि 10 मार्च को निरीक्षण किया गया था और पाया गया कि वर्क ऑर्डर की शर्तों के मुताबिक पार्कों का रखरखाव नहीं हो रहा इसलिए हरित पट्टी फाइव एकड़, शहीद उद्यम सिंह पार्क और कन्हैया पार्क के वर्क ऑर्डर रद्द किए जाने चाहिए।
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नगर परिषद की तकनीकी शाखा रोक चुकी है बिल

शहर के पार्कों और हरित पट्टी को एक साल के लिए गोद दिया जाता है। इस बार कई पार्कों और हरित पट्टी को करीब दो माह संस्थाओं को गोद दिया गया है। गोद देने की कार्रवाई के बाद कई पार्षद और संस्थाएं चहेतों को देने का आरोप लगा चुके हैं। पार्षदों ने यहां तक आरोप लगाया था कि बिना आवेदन मांगे इनको गोद दे दिया गया। इस मामले में अब डीएमसी संबंधित संस्था को भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दे चुके हैं।

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मॉडल टाउन में हैं सबसे ज्यादा पार्क

मॉडल टाउन में सबसे ज्यादा पार्क हैं। यहां पर पपीहा पार्क सबसे बड़ा है। इसके अलावा करीब 10 अन्य पार्क हैं। शहर में करीब 18 पार्क हैं। इनमें कई को नगर परिषद ने अलग-अलग संस्थाओं को गोद दिया हुआ है। नगर परिषद गोद दिए गए पार्कों की देखभाल और रखरखाव पर भुगतान भी करता है।

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पार्कों का पिछला भुगतान नहीं

जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह का कहना है कि उन्हें करीब डेढ़ माह पहले कहा गया था कि कन्हैया पार्क गोद दिया जा रहा है लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं दिया गया है। पिछले साल नवंबर माह में ठेका खत्म हुआ था लेकिन अभी तक सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह का भुगतान नहीं हुआ है। हालात ये है कि जेई बिल गुम कर चुके हैं। अपने चहेतों को पार्क और हरित पट्टी गोद देने के लिए रणनीति चल रही है।
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पार्कों और हरित पट्टी के वर्क ऑर्डर रद्द करने के निर्देश की जानकारी संज्ञान में नहीं है। अगर कोई निर्देश आएंगे तो ही कुछ बता पाएंगे।

-सुरेश कुमार, ईओ, नगर परिषद
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