कोरोना महामारी में राहत भरी खबर है। आपातकाल में मदद के लिए पुलिस विभाग की तरफ से जिला पुलिस को चार नई इनोवा गाड़ियां मिली हैं। ये गाड़ियां पुलिस लाइन पहुंच चुकी हैं। पुलिस विभाग इमरजेंसी में इन गाड़ियों का प्रयोग करेगा। इन गाड़ियों को स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम 108 से जोड़ा गया है। अगर स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस की जरूरत पड़ती है तो इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन गाड़ियों में पुलिस विभाग का कर्मचारी होगा। ये ही नहीं इन गाड़ियों का इस्तेमाल आपातकाल में ऑक्सीजन गैस अस्पतालों में पहुंचाने में किया जाएगा। इसके अलावा थानों व चौकियों में तैनात पुलिस कर्मचारियों तक दवाई पहुंचाने में इनका इस्तेमाल होगा। डायल 112 प्रोजेक्ट शुरू होने के लिए प्रत्येक थाने को दो-दो इनोवा गाड़ियां मिलने की चर्चा लंबे समय से चल रहीं थीं, ये प्रोजेक्ट जल्द शुरू भी होने वाला था लेकिन कोरोना महामारी शुरू होने के चलते लटक गया। लेकिन पुलिस विभाग मुख्यालय ने जिले में आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए चार इनोवा गाड़ियां भेजी हैं।
ऑक्सीजन पहुंचाने में पायलेट का काम करेंगी गाड़ियां
ऑक्सीजन को लेकर मारामारी चल रही है। कई अस्पतालों में अंतिम एक घंटे के समय में भी ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं पहुंच पाती है। ऐसे समय में जल्द ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाने के लिए ये गाड़ियां पायलेट का काम करेंगी। गाड़ी को पायलेट करके अस्पताल में जल्द ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाएंगी।
पुलिस कर्मचारियों तक पहुंचाएंगी मदद
कोरोना महामारी के बीच पुलिस कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी कर रहे है। कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए थानों व चौकियों में टीम पहुंचाने के लिए इनोवा गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस विभाग के फार्मासिस्टों को थानों व चौकियों में पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके अलावा किसी कर्मचारी को दिक्कत होती है तो एंबुलेंस का भी ये काम करेगी।
स्वास्थ्य विभाग भी ले सकता है मदद
आपातकाल में अगर एंबुलेंस की कमी होती है तो पुलिस विभाग की इन गाड़ियों को स्वास्थ्य विभाग प्रयोग में ले सकता है। इन्हें कंट्रोल रूम 108 से जोड़ा गया है। फिलहाल जिले में 18 सरकारी एंबुलेंस है। स्वास्थ्य विभाग के पास एंबुलेंस की कमी नहीं है। अगर स्थिति बिगड़ती है तो जरूरत पड़ सकती है।
कोट
पुलिस विभाग के पास चार गाड़ियां आईं हैं। इन गाड़ियाें का आपातकाल में इस्तेमाल किया जाएगा। एंबुलेंस कंट्रोल रूम के 108 के साथ जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग को अगर गाड़ियों की जरूरत पड़ती है तो इन्हें इस्तेमाल में लिया जाएगा। इन गाड़ियाें में पुलिस विभाग का ड्राइवर होगा।
- राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक।